Credit Card: जब क्रेडिट कार्ड कंपनियां फ्री में जारी करती हैं कार्ड, तो कैसे कमाती हैं करोड़ों रुपये; यहां पाएं हर सवाल का जवाब

Credit Card: क्रेडिट कार्ड कंपनियां भारी मात्रा में डेटा एकत्र करती हैं. वे मार्केटिंग करने वाले और एडवर्टाइजर्स को इनसाइट बेचकर इस डेटा को मोनेटाइज कर सकते हैं.

Written by: Manoj Yadav Edited by: Manoj Yadav
Updated: August 22, 2023, 12:27 PM IST

Credit Card: क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियां अक्सर कस्टमरों को फ्री क्रेडिट कार्ड (Credit Card) ऑफर करती हैं, लेकिन लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि इस तरह के ऑफर के बावजूद ये कंपनियां कैसे लाभ में रहती हैं? फ्री क्रेडिट कार्ड (Credit Card) जारी करने के पीछे की स्ट्रैटेजी सतह पर दिखने से कहीं अधिक जटिल है, जिसमें कई तरह के रेवेन्यू धाराएं और फाइनेंशियल सिस्टम शामिल हैं जो इन कंपनियों को करोड़ों रुपये कमाने में सक्षम बनाते हैं.

इंटरचेंज फीस (Interchange Fees)

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियां रेवेन्यू क्रिएट करने के प्रायमरी तरीकों में से एक इंटरचेंज फीस है. जब कोई कस्टमर अपने क्रेडिट कार्ड (Credit Card)का इस्तेमाल करके ट्रांजैक्शन करता है, तो मर्चैंट का बैंक ट्रांजैक्शन को सुविधाजनक बनाने के लिए क्रेडिट कार्ड (Credit Card)इश्यू करने वाले को एक फीस का पेमेंट करता है.

प्रीमियम कार्ड्स पर सालाना चार्ज (Yearly Charge on Premium Cards)

कुछ क्रेडिट कार्ड (Credit Card) वास्तव में फ्री में ऑफर किए जाते हैं, क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियां एयर पोर्ट के लाउंज एक्सेस और कैशबैक रीवार्ड जैसे स्पेशल बेनिफिट्स के साथ प्रीमियम कार्ड भी जारी करती हैं. इन प्रीमियम कार्ड्स पर अक्सर सालाना फीस लगती है. सालाना फीस न केवल इन बेनिफिट्स की कॉस्ट को कवर करता है, बल्कि कंपनी के रेवेन्यू में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है.

बकाया राशि पर ब्याज (Interest On Balance Amount)

शायद क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक इनकम सोर्स बकाया राशि पर लगाया जाने वाला ब्याज है. जब कार्डधारक तय समय सीमा तक अपनी पूरी बकाया रकम का पेमेंट नहीं करते हैं, तो वे बैलेंस राशि पर ब्याज अर्जित करते हैं. क्रेडिट कार्ड (Credit Card)की बैलेंस राशि पर ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, जिससे क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियों को उन कस्टमर्स से पर्याप्त बेनिफिट होता है, जो माह-दर माह शेष राशि रखते हैं.

देर से किए गए पेमेंट पर चार्ज (Late Payment Fees)

क्रेडिट कार्ड (Credit Card)कंपनियां देर से पेमेंट चार्ज से भी रेवेन्यू जनरेट करती हैं. जब कार्डधारक (Card Holders) अपने पेमेंट की समय सीमा चूक जाते हैं, तो उन्हें पेनाल्टी भरनी पड़ती है, जो एक निश्चित फीस से लेकर बकाया राशि के एक प्रतिशत तक हो सकता है. ये फीस कंपनी की अर्निंग में योगदान करते हैं और कस्टमर्स को समय पर पेमेंट करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.

फॉरेन करेंसी मार्कअप (Foreign Currency Markup)

इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन के लिए, क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियां अक्सर ट्रांसफर रेट के टॉप पर फॉरेन करेंसी मुद्रा मार्कअप लेती हैं. यह एडिशनल फीस कंपनी के रेवेन्यू में इजाफा करता है, क्योंकि यात्री और अंतरराष्ट्रीय खरीदार विदेश में पेमेंट के लिए अपने क्रेडिट कार्ड (Credit Card)का इस्तेमाल करना जारी रखते हैं.

क्रॉस-सेलिंग और अपसेलिंग (Cross Selling and Upselling)

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियां पर्सनल लोन, बीमा पॉलिसियों और इन्वेस्टमेंट अकाउंट्स जैसे अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को क्रॉस-सेल और अपसेल करने के लिए अपने कस्टमर बेस का लाभ उठाती हैं. ये एडिशनल प्रोडक्ट कंपनी के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू सोर्स जनरेट करते हैं.

डेटा मोनेटाइजेशन (Data Monetization)

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) कंपनियां अपने कस्टमर्स के एक्सपेंस करने के तरीके, प्राथमिकताओं और व्यवहार पर भारी मात्रा में डेटा एकत्र करती हैं. वे मार्केटियर्स और एडवर्टाइजर्स को इनसाइट बेचकर इस डेटा को मोनेटाइज कर सकते हैं, जिससे उनका प्रॉफिट बढ़ता है.

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