
Crude Oil Price: 7 साल के रिकार्ड स्तर पर पहुंचे कच्चे तेल के दाम, क्या अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में होगी बढ़ोतरी?
Crude Oil Price: कच्चे तेल के दाम 7 साल के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. ऐसे में लोगों के जेहन में एक सवाल बार-बार आ रहा है क्या भारत में अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की जाएगी. हालांकि, पिछली घटनाओं पर नजर डालें तो विधानसभा चुनावों के चलते इसकी संभावना कम नजर आ रही है.

Crude Oil Price | Petrol Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Prices) सात साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. पिछले दिनों संयुक्त अरब अमीरात पर हूति विद्रोहियों के हुए हमले के बाद कच्चे तेल के दामों में भारी बढ़ोतरी आते हुए देखी गई. इसके बाद दुनिया भर के बाजारों में डीजल-पेट्रोल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी होने की आशंका पैदा हो गई. लेकिन, भारत में फिलहाल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं. इसलिए सरकार एख नई जहमत मोल नहीं लेगी. यहां तक कि पिछले ढाई माह से सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया है. बीते 76 दिनों से तेल का दाम स्थिर बने हुए हैं. बुधवार को भी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 95.41 रुपये और डीजल की कीमत 86.67 रुपये प्रति लीटर पर है.
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उत्पाद शुल्क में कटौती और वैट घटाने के बाद नहीं बदले तेल के दाम
पिछले वर्ष के सितंबर माह की 28 तारीख को आखिरी बार पेट्रोल के दाम 20 पैसे प्रति लीटर बढ़े थे, तो डीजल के भावों में 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी. दरअसल, सितंबर के अंतिम दिनों से पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला दिवाली तक जारी रहा. उसी समय केंद्र सरकार की तरफ से उत्पाद शुल्क कटौती और फिर राज्यों की तरफ से वैट कटौती के बाद से नहीं बदली हैं. पेट्रोल की कीमतों में देखें तो इस कटौती से पहले पेट्रोल करीब 8.15 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका था. हालांकि बीते साल सात नवंबर से इसके दाम स्थिर हैं.
पेट्रोल से ज्यादा बढ़े डीजल के दाम
पिछले साल के दूसरी छमाही में पेट्रोल के मुकाबले डीजल के भावों में ज्यादा बढ़ोतरी की गई थी. कारोबारी लिहाज से देखें तो पेट्रोल के मुकाबले डीजल बनाना महंगा पड़ता है. लेकिन भारत के खुले बाजार (Retail Market) में पेट्रोल महंगा बिकता है और डीजल सस्ता बिकता है. बीते 24 सितंबर से यहां जो डीजल में आग लगनी शुरू हुई वह उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद रुकी. 24 सितंबर से मोदी सरकार के उत्पाद शुल्क में कटौती के फैसले तक डीजल करीब 9.45 रुपये महंगा हो गया था.
फिर बढ़े कच्चे तेल के दाम
ऐसा देखा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में एक बार फिर से तेजी आ रही है. मंगलवार को कच्चा तेल सात साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. दरअसल, यूएई के हवाई अड्डे पर हूति विद्रोहियों के हुए ड्रोन हमले के बाद दुनिया भर में भगदड़ की स्थिति बन गई. कल अमेरिकी बाजार में कारोबार की समाप्ति पर डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) 84.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. कल ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई. मंगलवार को कारोबार की समाप्ति पर यह 87.51 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ.
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