नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने अपने कस्टमर्स को 31 दिसंबर से पहले अपने मैग्नेटिक स्ट्रिप एटीएम सह डेबिट कार्ड को ईएमवी चिप आधारित कार्ड से बदलवाने के लिए कहा है. बैंक ने ये कदम सुरक्षा के मद्देनजर किया है. दरअसल, कार्ड से जुड़ी धोखाधड़ी से ग्राहकों की रक्षा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को केवल चिप आधारित और पिन सक्षम डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए कहा है.

बता दें जून अंत तक एसबीआई ने 28.9 करोड़ एटीएम सह डेबिट कार्ड जारी किए हैं, जिसमें से अधिकतर चिप आधारित कार्ड हैं. कुछ अन्य बैंक भी मेगस्ट्रिप कार्ड को ईएमवी कार्ड से बदल रहे हैं.

ईएमवी चिप कार्ड जाली कार्ड बनाकर होने वाली धोखाधड़ी से बचाता है. ईएमपीवी कार्ड और पिन सुविधा ग्राहकों को कार्ड खो जाने और चोरी से जुड़ी धोखाधड़ी और जाली कार्ड बनाकर धोखाधड़ी से रक्षा करता है.

एसबीआई ने अपने ट्वीट में कहा, “प्रिय ग्राहक, यह बदलाव का समय है. आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 2018 के अंत तक आपको अपने मेगस्ट्रिप डेबिट कार्ड को ईएमवी चिप डेबिट कार्ड से बदलने की जरूरत है. इसके लिए आपको कोई भी शुल्क नहीं देना होगा.”