मुंबई: नकदी संकट से जूझ रही कंपनी जेट एयरवेज वरिष्ठ प्रबंधन समेत विमान चालकों और अभियंताओं के वेतन में देरी के बाद सितंबर में अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों को भी वेतन देने में असफल रही है. कंपनी से जुड़े एक सूत्र ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. कंपनी फिलहाल वित्तीय देनदारियों का भुगतान करने के लिए पैसे जुटाने में संघर्ष कर रही है. उसके समक्ष 16 हजार से अधिक कर्मचारियों के वेतन भुगतान का भी दबाव है.

सूत्र के मुताबिक, सामान्यत: हमें महीने की पहली तारीख को वेतन मिल जाता है. पिछले महीने कंपनी ने वरिष्ठ प्रबंधन, विमानचालकों और अभियंताओं को छोड़ शेष सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन दे दिया था. लेकिन सितंबर का कंपनी, प्रबंधकों और कुछ वरिष्ठ पदों पर कार्यरत कर्मचारियों समेत अन्य श्रेणियों में भी वेतन दे पाने में असफल रही है.

सत्रों के मुताबिक 75 हजार रुपए प्रति माह के वेतन वाले यानी ए1-ए5, ओ1 और ओ2 श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन एक अक्टूबर को आ गया. एम1, एम2, ई1 और अन्य ऊपर की श्रेणियों के कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिला है.

कंपनी को इस बाबत भेजे गए सवाल का लिखित जवाब नहीं मिला है.

कंपनी ने 6 सितंबर को वरिष्ठ कर्मचारियों से कहा था कि उन्हें नवंबर तक हर महीने वेतन दो खेप में मिलेगी. अगस्त महीने के वेतन की पहली खेप लोगों को 11 सितंबर तक मिलने वाली थी और शेष 50 प्रतिशत वेतन 26 सितंबर तक मिलना था.

कंपनी आधे वेतन का भुगतान तय समय तक करने में सफल रही थी, लेकिन शेष आधे वेतन का भुगतान करने की समयसीमा 26 सितंबर से बढ़ाकर 9 अक्टूबर कर दी गई.