नई दिल्‍ली: देश के पूर्व मुख्‍य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले की आलोचना करते कहा है कि नोटबंदी का फैसला देश की अर्थव्‍यवस्‍था के लिए बड़ा, सख्‍त और मौद्रिक झटका था, जिसके कारण सात तिमाहियों में अर्थव्यवस्था की विकास दर खिसकर 6.8 फीसदी पर आ गई थी, जो नोटबंदी से पहले आठ फीसदी थी. सुब्रह्मण्यम नोटबंदी के वक्त यानी 8 नवंबर 2016 में ही सरकार के आर्थिक सलाहकार थे लेकिन उन्होंने इस ऐतिहासिक फैसले के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है. Also Read - Bihar Polls 2020: दूसरे फेज के चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने खेला आबादी के हिसाब से आरक्षण का दांव, कही यह बात...

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डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, सुब्रह्मण्यम ने कहा कि नोटबंदी एक बड़ा, सख्त और मौद्रिक झटका था. इसके बाद चलन में रहे 500 और हजार रुपये की मुद्राओं को वापस ले लिया गया था. चलन में रहे कुल मुद्रा में इन दो नोटों की हिस्सेदारी 86 फीसदी थी. इसके चलते सकल घरेलू उत्‍पाद यानि जीडीपी की विकास दर प्रभावित हुई थी. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि वैसे तो जीडीपी रेट कई बार प्रभावित हुई है, लेकिन नोटबंदी के बाद इसे बड़ा झटका लगा. उन्‍होंने अपनी पुस्‍तक के एक अध्‍याय ‘द टू पज़ल्स ऑफ डिमोनेटाइजेशन- पॉलिटिकल एंड इकॉनोमिक’ में उन्होंने लिखा है कि नोटबंदी से पहले छह तिमाहियों में ग्रोथ औसतन आठ फीसदी थी, जबकि उसके बाद सात तिमाहियों में यह औसत 6.8 फीसदी रह गई. अपनी पुस्‍तक में पूर्व आर्थिक सलाहकार ने संकेत दिया कि नोटबंदी की घोषणा से पहले उनके साथ परामर्श नहीं किया गया था. Also Read - मध्य प्रदेश उपचुनाव: कमल नाथ का शिवराज पर तंज- अपने क्षेत्र का विकास न कर पाने वाला प्रदेश की तस्वीर क्या बदलेगा, मेरे क्षेत्र को देखो

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नोटबंदी के बाद जीडीपी पर प्रभाव की नहीं हुई चर्चा

पूर्व सीईए ने कहा कि उन्‍हें नहीं लगता है कि नोटबंदी के बाद किसी ने इस बात पर कोई चर्चा की होगी कि इससे जीडीपी पर क्‍या प्रभाव पड़ा. बल्कि पूरी बहस सिर्फ इस बात पर थी कि नोटबंदी के फैसले का असर कितना होगा. चाहे वह 2 प्रतिशत हो या इससे बहुत कम. आखिरकार, इस अवधि में कई अन्य कारकों ने भी वृद्धि को प्रभावित किया. इसमें विशेष रूप से उच्च वास्तविक ब्याज दरें, जीएसटी कार्यान्वयन और तेल की कीमतें. बता दें, अरविंद सुब्रह्मण्यम अपनी नई पुस्‍तक में अपने कार्यकाल में हुए घटनाक्रमों के और भेद खोलेंगे.