बलिया: दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के अध्यक्ष मिलिंद काम्बले की नजर में दलितों के विकास के मामले में केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार की तुलना में बेहतर काम कर रही है.काम्बले ने यहां आयोजित एक श्राद्ध कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में दलितों को आगे बढ़ाने का काम सबसे ज्यादा हुआ है. उन्होंने कहा कि दलितों के हित में योजना बनाने और उसके क्रियान्वयन के मामले में मोदी सरकार का कामकाज पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार की तुलना में ज्यादा अच्छा है. Also Read - मुश्किल वक्त में प्रवासी मजदूरों के साथ हर समय खड़ी है समाजवादी पार्टी, हर संभव करेंगे मदद : अखिलेश यादव

काम्बले ने मुद्रा योजना की जमकर तारीफ की और इसे वित्तीय समावेशन के मामले में देश की सबसे महत्वपूर्ण सफलतम योजना करार दिया. उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के माध्यम से देश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पौने तीन करोड़ युवा लाभान्वित हुए हैं. इसके साथ ही इस वर्ग के युवाओं को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ हुआ है. Also Read - राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, गुजरात के दो और विधायकों ने दिया इस्तीफा

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि देश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के 19 करोड़ शिक्षित युवा हैं. कोई भी सरकार इन सभी को नौकरी नहीं दे सकती. डिक्की दलित युवाओं को व्यापार की तरफ आकर्षित कर रहा है. लाखों दलित युवा व्यापार की तरफ आकर्षित भी हुए हैं. Also Read - नवजोत सिंह सिद्धू फिर बदलेंगे पार्टी! पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ थाम सकते हैं इस दल का दामन

काम्बले ने कहा कि राजनेता दलितों का उत्पीड़न खत्म नहीं कर सकते. उन्होंने सवाल किया कि देश के साथ ही राज्यों में बसपा, सपा, कांग्रेस और भाजपा की सरकार रही है लेकिन क्या वे दलित उत्पीड़न की घटनाओं को रोक सकीं. सामाजिक और बुद्धिजीवी लोग आए आएंगे, तभी उत्पीड़न की घटनाएं थमेंगी.