Digipay Sakhi Yojana: जम्मू-कश्मीर में ‘एक ग्राम पंचायत-एक डिजी-पे सखी’ योजना भी शुरू की गई है, जिसके माध्यम से वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में डोर-टू-डोर डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब कश्मीर में ‘वन ग्राम पंचायत-वन डिजी-पे सखी’ योजना शुरू की गई है, जिसके जरिए महिलाओं को कमाई के अवसर मुहैया कराए जाएंगे. फिलहाल कश्मीर में डिजी-पे की सुविधा केंद्र शासित प्रदेश के 2,000 दूरदराज के गांवों में उपलब्ध कराई जाएगी.Also Read - महबूबा मुफ्ती का बड़ा ऐलान, 'जम्मू-कश्मीर का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी पीडीपी'

बता दें, न केवल कश्मीर में बल्कि देश के कई राज्यों में भी बैंकिंग सखी जैसी योजना शुरू की गई है. यह योजना अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके से संचालित की जा रही है और इन योजनाओं को लेकर कई नियम बनाए गए हैं. ऐसे में जानिए क्या है यह डिजी पे सुविधा, जिससे लोगों के साथ-साथ महिलाओं को भी खासा फायदा होने वाला है. साथ ही जानिए इससे जुड़ी कई खास बातें… Also Read - Rajasthan CM गहलोत ने कहा- उम्मीद है कि अमरिंदर सिंह कांग्रेस के लिए नुकसान पहुंचाने वाला कदम नहीं उठाएंगे

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यह योजना हर राज्य में अलग-अलग नियमों के साथ लागू की गई है. लेकिन, इसका आधार यह है कि इस योजना के जरिए दूर-दराज के गांवों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं और महिलाओं को इस योजना की जिम्मेदारी दी गई है. इससे महिलाओं को रोजगार के साधन भी मिल रहे हैं और महिलाएं भी अधिक शिक्षित हो रही हैं. इसके साथ ही लोगों में बैंकिंग प्रणाली के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है और वे अपने गांव या घर पर कई सुविधाओं का लाभ उठा पा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में भी संचालित हो रही है इस तरह की योजना

उत्तर प्रदेश में यह बैंकिंग सखी के नाम से संचालित की जा रही है. इस योजना में शामिल होने वाली प्रत्येक महिला को 6 महीने के लिए 4,000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा. इस योजना में महिलाओं को एक तरह से नौकरी दी जाएगी और हर महीने पैसा भी दिया जाएगा. इतना ही नहीं इसके साथ ही इन महिलाओं को डिजिटल डिवाइस खरीदने के लिए 50,000 रुपये तक की अलग से राशि भी दी जाएगी. इस योजना के तहत हजारों महिलाओं का चयन किया जाएगा.

वहीं, राजस्थान में इस योजना के तहत महिलाओं को शिक्षा दी जा रही है. इस योजना का उद्देश्य बैंकों में भीड़ को कम करना और कोरोना के समय में सामाजिक दूरी बनाए रखना है. इसके लिए बैंक सखी योजना शुरू की गई थी. योजना के तहत कार्यरत सभी बैंकिंग सखियों को सरकार द्वारा प्राप्त वित्तीय सहायता के रूप में लोगों के घरों तक पहुंचने का काम करना है. इससे लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना पड़ेगा और उन्हें बिना तनाव के घर बैठे आर्थिक मदद मिल सकेगी.