7 करोड़ रुपये की ठगी! बचने के लिए 200 अकाउंट में ट्रांसफर किया पैसा... जानें ED की गिरफ्त में कैसे आया फ्रॉड?

प्रवर्तन निदेशायल (ED) ने देश के जाने- माने उद्योगपति एस.पी. ओसवाल से 7 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी अर्पित राठौड़ को गिरफ्तार किया है.. डिजिटल अरेस्ट के इस मामले में गिरफ्तार शख्स ठगी के पैसे को 200 फर्जी खातों के जरिए घुमाकर क्रिप्टो में विदेश भेजने की तैयारी में था.

Published date india.com Published: January 3, 2026 7:01 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जालंधर जोनल कार्यालय के माध्यम से एक बेहद संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. इस मामले ने डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते खतरों और इसके पीछे छिपे मनी लॉन्ड्रिंग के जटिल खेल को उजागर कर दिया है. इस पूरे घोटाले के केंद्र में लुधियाना के एक बड़े उद्योगपति एस.पी. ओसवाल रहे जिनसे इन फ्रॉड ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए 7 करोड़ रुपये की ठगी की.

उद्योगपति को कैसे बनाया शिकार?

यह मामला तब शुरू हुआ जब ठगों ने खुद को सीबीआई (CBI) अधिकारी बताकर उद्योगपति एस.पी. ओसवाल से संपर्क किया. उन्होंने उन्हें एक फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर उनसे करीब 7 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि लूट ली. डरे हुए उद्योगपति ने अपनी साख बचाने के लिए ठगों के कहे अनुसार पैसे ट्रांसफर कर दिए.

200 बैंक खातों का मकड़जाल और मनी लॉन्ड्रिंग

जांच के दौरान ईडी ने पाया कि इस ठगी के पैसे को छुपाने के लिए आरोपियों ने किसी एक खाते का नहीं, बल्कि 200 से अधिक म्यूल (Mule) बैंक खातों का जाल बिछाया था. ये वे खाते होते हैं जो अक्सर गरीब या अनपढ़ लोगों के नाम पर छोटे लालच देकर खुलवाए जाते हैं. इस मामले में फ्रोजनमैन वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स और रिग्लो वेंचर्स जैसी शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) के खातों का भी इस्तेमाल किया गया.

इस सिंडिकेट का मुख्य गुर्गा अर्पित राठौड़ था, जिसे ईडी ने नए साल की पूर्व संध्या पर कानपुर में एक गुप्त छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया. अर्पित पर आरोप है कि वह इन 200 खातों में आने वाले पैसों की लेयरिंग (Layering) करता था ताकि पुलिस या जांच एजेंसियां पैसों के सोर्स स्रोत तक न पहुंच सकें.

क्रिप्टो कनेक्शन और गिरफ्तारी

अर्पित राठौड़ केवल पैसों को घुमा ही नहीं रहा था, बल्कि वह इस अवैध कमाई को विदेशी आकाओं तक पहुंचाने के लिए इसे क्रिप्टोकरंसी (USDT) में बदलने की फिराक में था. वह लगातार विदेशों में बैठे अपने साथियों के संपर्क में था. जांच में सामने आया कि इस काम के बदले अर्पित को भारतीय रुपयों और क्रिप्टो में मोटा कमीशन मिलता था. इसी दौरान ईडी को कानपुर में तलाशी के दौरान अर्पित राठौड़ के पास से 14 लाख रुपये की नकदी और कई एडवांस्ड डिजिटल डिवाइस बरामद किए. समय रहते हुई इस गिरफ्तारी से करोड़ों रुपये को विदेश भेजने की कोशिश नाकाम हो गई. बता दें कि अर्पित से पहले उसकी एक साथी रूमी कलिता को ED ने गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी ने गिरफ्तार आरोपी को अदालत के सामने पेश किया. सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को 5 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.