
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
कोरोना महामारी के बाद से हेल्थ इंश्योरेंस या मेडिक्लेम पॉलिसी की मांग बढ़ी है. हेल्थ इंश्योरेंस होने से इमरजेंसी और गंभीर बीमारी के समय आपको इलाज कराने में मदद मिलती है. डिजिटलाइजेशन की वजह से हेल्थ इंश्योरेंस लेना बेहद आसान हो गया है. इंश्योरेंस एजेंट भी खुद आपसे कॉन्टैक्ट कर लेते हैं. परिवार की भलाई का सोचकर हम ज्यादा जांच-पड़ताल नहीं करते और जल्दबाजी में पॉलिसी ले लेते हैं. गड़बड़ी यहीं से शुरू होती है. इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लाखों-करोड़ों को फ्रॉड हो रहा है.
ऐसे में ये समझना बहुत जरूरी है कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी असली है या नकली? इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर कैसे फर्जीवाड़ा किया जा रहा है? किन बातों का ध्यान रखकर आप खुद को इस फर्जीवाड़े से बचा सकते हैं:-
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कहां-कहां एक्टिव है ये बीमा फ्रॉड गैंग?
ये बीमा फ्रॉड गैंग ज्यादातर हिंदी भाषी इलाकों में एक्टिव हैं. इस गैंग में बीमा एजेंट से लेकर आशा वर्कर, ग्राम प्रधान, यहां तक की हॉस्पिटल और बैंक के कर्मचारी तक शामिल हैं.
कौन होते हैं ईजी टारगेट?
बीमार, बुजुर्ग और कम पढ़ी लिखी महिलाएं इस गैंग का ईजी टारगेट हैं. ये गैंग उनके परिवारों को सरकारी मदद और इंश्योरेंस का भरोसा देकर दस्तावेज़ हासिल कर लेते हैं और फिर मौत हो जाने के बाद बीमा का पैसा निकाल लेते हैं.
कैसे होता है स्कैम?
यूपी के संभल में और हाल के समय में दिल्ली के त्रिलोकपुरी में ऐसे बीमा स्कैम के मामले सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों ने बताया कि पहले तो गैंग के लिए फौरी तौर पर मदद करते हैं. फिर उन्हें सरकारी स्कीम के बारे में बताते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि वो सरकारी मदद पाने में उनकी हेल्प कर देंगे. मदद का झांसा देकर पहले गैंग जितना पैसा ले सकते हैं, ले लेते हैं. फिर डॉक्यूमेंट हासिल करते हैं. इसके बाद शुरू होता है असली फर्जीवाड़ा.
डेटा में भी होता है बदलाव
BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीमा फ्रॉड गैंग अपने फायदे के लिए कई मरे हुए लोगों की आईडेंटिटी और डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर चुके हैं. गैंग के लोगों ने स्कैम को अंजाम देने के लिए उनके पर्सनल डेटा में भी फर्जीवाड़ा करके बदलाव किया है. फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
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