नई दिल्ली। सरकार का प्रत्यक्ष कर संग्रहण मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल- जनवरी अवधि में सालाना आधार पर 19.3 प्रतिशत बढ़कर 6.95 लाख करोड़ रुपये हो गया. वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार वित्त वर्ष के शुरुआती दस महीनों में हुआ शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रहण वित्त वर्ष 2017-18 के संशोधित अनुमान 10.05 लाख करोड़ रुपये का 69.2 प्रतिशत है.Also Read - सोनू सूद के खिलाफ जांच का दायरा आईटी ने बढ़ाया, मुंबई, नागपुर, जयपुर में कई परिसरों पर रेड

इसके अनुसार जनवरी 2018 तक प्रत्यक्ष कर संग्रहण के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार शुद्ध संग्रहण 6.95 लख करोड़ रुपये रहा जो कि पिछले साल इसी अवधि के शुद्ध संग्रहण की तुलना में 19.3 प्रतिशत अधिक है. Also Read - केंद्र लंबित निर्यात प्रोत्साहनों के लिए बकाया के रूप में 56 हजार करोड़ रुपये जारी करेगा

इस दौरान कारपोरेट आयकर (सीआईटी) में 19.2 प्रतिशत जबकि व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) में 18.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली. मौजूदा वित्त वर्ष में शुरुआती दस महीनों में 1.26 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए हैं. Also Read - 2.5 लाख रुपए से अधिक PF योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्‍स कैलकुलेशन के ये Rules हुए जारी