Distillery Unit In UP: निवेश को बढ़ावा देने संबंधी उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों ने सूबे में गन्ना किसानों और चीनी उद्योग दोनों की सूरत बदल करके रख दी है. इसकी वजह से जहां निजी क्षेत्र की 11 चीनी मिलों ने करोड़ों रुपये का निवेश कर पेराई क्षमता का विस्तार किया है, वहीं बड़े-बड़े कारोबारी 1250.44 करोड़ रुपये का निवेश कर राज्य में 16 नई डिस्टिलरी (आसवनी) लगा रहे हैं. डालमिया ग्रुप द्वारा लगाई डिस्टिलरी में उत्पादन भी शुरू हो गया है. शेष बची 15 डिस्टिलरी में इस वर्ष के अंत तक उत्पादन शुरू हो जाएगा.Also Read - नोएडा: पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा के नाम से फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर साइबर ठग कर रहे उगाही

डिस्टिलरी स्थापित कर रहे निवेशकों में डीसीएम श्रीराम, पारले बिस्कुट, बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं. इन निवेशकों ने सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर ही राज्य में निवेश किया है. राज्य में गन्ना तथा चीनी उद्योग के विकास को लेकर सरकार संजीदा है. जिसके तहत ही यूपी में ग्यारह चीनी मिलों की पेराई क्षमता में इजाफा किया गया. बंद पड़ी वीनस, गगलहेडी और बुलन्दशहर की चीनी मिलों को फिर से शुरू किया गया. राज्य में गन्ने के साथ ही चीनी उद्योग को भी नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी के तहत यह कार्य हुआ, तो इसका लाभ किसानों को मिला. Also Read - बीएसपी चीफ मायावती ने कहा, अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी जारी रखें बसपा कार्यकर्ता

सरकार से मिली जानकारी के अनुसार अब डिस्टिलरी लगाने के लिए कई निवेशक आगे आये हैं. अधिकारियों के अनुसार डीसीएम श्रीराम लिमिटेड ने हरदोई में डिस्टिलरी लगाई है. इसमें उत्पादन होने लगा है. इसके अलवा सुपीरियर बायोफ्यूल्स लिमिटेड शामली में, करीमगंज बायोफ्यूल्स लिमिटेड रामपुर में, अजुधिया बायोफ्यूल्स लिमिटेड बिलारी में, महाकौशल एग्रीक्राप इंडिया लिमिटेड प्रयागराज के शंकरगढ़ में, यदु शुगर मिल बदायूं में, आरती डिस्टिलरी कानपुर देहात में, फारएवर डिस्टिलरी देवरिया में, माल्ब्रोस इंटरनेशनल शाहजहांपुर में, राज श्री फाइन केमिकल्स शाहजहांपुर में इन्डियन पोटास लिमिटेड मुजफ्फरनगर में पारले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड बहराइच में बलरामपुर चीनी मिल लखीमपुरखीरी में डिस्टिलरी यूनिट लगा रहे हैं. करीब 1250.44 करोड़ रुपए का निवेश कर लगाई जा रही इन डिस्टिलरी यूनिट का लाभ किसानों और चीनी उद्योग दोनों को मिलेगा. Also Read - आज मथुरा दौरे पर रहेंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द, वीडियो में जाने पूरा शेडयूल। Watch Video

इन डिस्टिलरी के शुरू होने से एथनाल उत्पादन में प्रदेश में सबसे अव्वल स्थान पर होगा. अभी भी एथनाल उत्पादन उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. वर्ष 2017-18 से 31 जनवरी, 2021 तक 54 डिस्टिलरीज के माध्यम से प्रदेश में कुल 261.72 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हुआ है, जो कि एक रिकॉर्ड है.

देश के गन्ने के कुल रकबे का 51 फीसदी एवं उत्पादन का 50 और चीनी उत्पादन का 38 फीसदी यूपी में होता है. देश में कुल 520 चीनी मिलों से 119 उत्तर प्रदेश में हैं. करीब 48 लाख गन्ना किसानों में से 46 लाख से अधिक किसान मिलों को अपने गन्ने की आपूर्ति करते हैं. यहां का चीनी उद्योग करीब 6.50 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार देता है.

(With IANS Inputs)