नई दिल्ली। एक अप्रैल से आम आदमी को एक और झटका लग सकता है. एक अप्रैल से सीएनजी और पीएनजी के दाम बढ़ सकते हैं जो पिछले दो साल में सबसे ज्यादा होगा. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सरकारी सूत्रों के अनुसार गैस की कीमत 2.89 डॉलर प्रति यूनिट से बढ़कर 3.06 डॉलर प्रति यूनिट हो सकती है. जाहिर तौर पर इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा और उसे गैस के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे. Also Read - Lockdown 5.0: एक बार फिर बढ़ने जा रही है लॉकडाउन की अवधि! क्या करें, क्या न करें, जानें सबकुछ

गैस के नए दाम 6 महीने की रिविजन पॉलिसी के तहत सबसे ज्यादा होंगे. मार्च 2016 में इसकी कीमत 3.82 डॉलर प्रति यूनिट थी. रिविजन में मैनुफैक्चरिंग एरिया की लागत का भी ध्यान रखा जाएगा, जो घरेलू गैस को फीडस्टॉक की तरह इस्तेमाल करती है और कंपनियां सीएनजी और पीएनजी मुहैया कराती है. Also Read - ट्विटर पर अचानक ट्रेंड करने लगा #DhoniRetires, पत्नी साक्षी ने किया रिएक्ट

गैस के दाम में बढ़ोतरी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और सरकारी तेल कंपनी ओएनजीसी, ओआईएल जैसी दोनों कंपनियों पर भी असर डालेगी. ये ऐसे वक्त पर हो रहा है जब तेल कंपनियां गैस फील्ड पर 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश कर रही हैं. Also Read - सरकार 7.75 प्रतिशत बचत बॉंड योजना को लेगी वापस, जानें फैसले के पीछे क्या है बड़ी वजह

तीन साल में पहली पिछले साल अक्टूबर में गैस के दाम 2.89 डॉलर प्रति यूनिट तय किए गए थे. एनडीए सरकार की नई नीति के तहत पहली बार हर 6 महीने में गैद के दामों की समीक्षा का फैसला लिया गया. इसमें अमेरिका, रूस, पूर्व सोवियन यूनियन देशों के गैस सरप्लस मार्केट को भी ध्यान में रखा जाता है.