
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
आज के समय में कोई भी सरकारी काम करवाना हो या प्राइवेट सेक्टर से कोई सर्विस लेनी हो… आपको कोई न कोई डॉक्यूमेंट दिखाना पड़ता है. आमतौर पर हम आधार कार्ड, वोटर्स कार्ड, पैन कार्ड की कॉपी देते हैं. कई जगहों पर बिजली का बिल, टेलीफोन बिल या रेजिडेंट प्रूफ दिया जाता है.Aadhar Card या Voter ID आपकी पहचान साबित होती है. लेकिन, आप किस राज्य के निवासी हैं; इसे साबित करने के लिए एक सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है. इसे डोमिसाइल सर्टिफिकेट कहते हैं. रिजर्वेशन का फायदा लेने के लिए भी इसी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया जाता है.
डोमिसाइल सर्टिफिकेट क्या है?
डोमिसाइल सर्टिफिकेट किसी राज्य विशेष के मूल निवासी होने का सबूत होता है.डोमिसाइल सर्टिफिकेट एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट है, जिससे साबित होता है कि आप किसी विशेष राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के स्थायी निवासी हैं या फिर आपके मां-बाप वहां के निवासी हैं. ये सर्टिफिकेट कई सरकारी और गैर-सरकारी नौकरियों के लिए भी जरूरी होता है.
कब-कब काम आता है डोमिसाइल सर्टिफिकेट?
डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने की योग्यता?
अप्लाई का तरीका?
कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आधार कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट,जॉब कार्ड, राशन कार्ड, बिजली का बिल या टेलिफोन बिल होना चाहिए. आपको साथ में अपनी पासपोर्ट साइज फोटो भी देनी होगी.डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कोई फीस नहीं लगती. ये फ्री में बनता है.
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