क्रेडिट कार्ड यूज न करने पर हो सकता है नुकसान! जानें इनएक्टिव कार्ड के खतरे और इसे एक्टिव करने का तरीका

क्रेडिट कार्ड लंबे समय तक इस्तेमाल न करने पर इनएक्टिव हो सकता है, जिससे क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है और रिवार्ड्स खो सकते हैं. इसे फिर से चालू करने के लिए बैंक ब्रांच, ऑनलाइन पोर्टल या ट्रांजैक्शन का सहारा लें.

Published date india.com Published: February 18, 2025 10:12 AM IST
क्रेडिट कार्ड यूज न करने पर हो सकता है नुकसान! जानें इनएक्टिव कार्ड के खतरे और इसे एक्टिव करने का तरीका

क्रेडिट कार्ड एक शानदार फाइनेंशियल टूल है, जो न केवल आपको इमरजेंसी फंड्स मुहैया कराता है, बल्कि बेहतर क्रेडिट स्कोर बनाने और आकर्षक रिवार्ड्स हासिल करने में भी मदद करता है. आजकल कई लोग रोजमर्रा की जरूरतों और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कुछ लोग कार्ड मिलने के बाद इसे बहुत कम या बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते, जिससे यह इनएक्टिव या डोरमैट हो जाता है. अगर आपका भी क्रेडिट कार्ड लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं है, तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है.

डोरमैट क्रेडिट कार्ड क्या होता है?

जब किसी क्रेडिट कार्ड का 6 महीने से लेकर 1 साल तक कोई उपयोग नहीं किया जाता, तो बैंक उसे इनएक्टिव या डोरमैट मान लेते हैं. इसका मतलब है कि इस कार्ड से कोई शॉपिंग, बैंक ट्रांसफर, कैश एडवांस या अन्य ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है.

इनएक्टिव क्रेडिट कार्ड के नुकसान

अगर आपका क्रेडिट कार्ड इनएक्टिव हो जाता है, तो इसका आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इससे जुड़ी कुछ प्रमुख समस्याएं इस प्रकार हैं:

क्रेडिट स्कोर पर असर – लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का उपयोग न करने से बैंक इसे बंद कर सकता है, जिससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री प्रभावित होती है. इससे भविष्य में लोन या नए क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने में दिक्कत आ सकती है.
रिवार्ड्स और बेनिफिट्स का नुकसान – अधिकतर क्रेडिट कार्ड पर रिवार्ड पॉइंट्स, कैशबैक और अन्य लाभ मिलते हैं. अगर कार्ड बंद हो गया, तो आप इन बेनिफिट्स से वंचित रह सकते हैं.
फ्रॉड के रिस्क से बचाव – बैंक इनएक्टिव कार्ड्स को डोरमैट कैटेगरी में रखकर फ्रॉड के खतरे को कम करने की कोशिश करता है.

क्रेडिट कार्ड को दोबारा एक्टिव कैसे करें?

अगर आपका कार्ड इनएक्टिव हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं. इसे दोबारा चालू करने के लिए निम्न स्टेप्स फॉलो करें:

ट्रांजैक्शन करें – कुछ बैंक इनएक्टिव कार्ड को ऑटोमैटिकली एक्टिव कर देते हैं, जब आप उससे कोई भी भुगतान करते हैं.
बैंक की ब्रांच जाएं – आप अपने बैंक की नजदीकी शाखा जाकर क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने का अनुरोध कर सकते हैं.
ऑनलाइन सर्विस पोर्टल का उपयोग करें – कई बैंक अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्रेडिट कार्ड री-एक्टिवेशन की सुविधा देते हैं.
अपडेटेड KYC दें – कुछ मामलों में बैंक आपके पहचान दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए KYC प्रक्रिया पूरी करने को कह सकते हैं.

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अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड है, तो उसे एक्टिव बनाए रखना बेहद जरूरी है. समय-समय पर छोटे ट्रांजैक्शन करते रहें, ताकि आपका कार्ड डोरमैट न हो. इससे न केवल आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर रहेगा, बल्कि आपको बैंक से मिलने वाले विभिन्न फायदे भी मिलते रहेंगे.

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