कोलकाता, पश्चिम बंगाल: केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में आम बजट पेश किया. इस पर कई लोग इसे निराशाजनक बजट बता रहे हैं. लेकिन कई लोग इसे गांव, गरीबों का बजट बताकर संतुलित और ग्रामीण भारत का बजट कहकर इसकी सराहना कर रहे हैं. मेडिका ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. आलोक रॉय इस बजट को स्वागतयोग्य बजट करार दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लक्ष्य की ओर अग्रसर राष्ट्र के लिए, कई प्रमुख संरचनात्मक सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया है. सभी के लिए व्यापक कल्याणोन्मुख पर्यावरण के साथ-साथ, स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता और चिंता जताने के लिए हम सरकार को बधाई देना चाहते हैं. Also Read - समाज के कमजोर तबके के लिए मोदी सरकार ने कई कदम उठाए, जरूरत हुई तो मनरेगा में खर्च बढ़ाएगी सरकार: अनुराग ठाकुर

उन्होंने कहा कि हमें यह देखकर खुशी है कि सरकार ने देश के प्रत्येक गांव में दीर्घकालिक ठोस कचरा प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन के विस्तार का प्रस्ताव दिया है. ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में निश्चित तौर पर सुधार हुआ है. अब खुले में शौच मुक्त गाँवों में रहने वाले लोगों के संक्रामक रोगों की चपेट में आने की आशंका कम होगी. मेरा मानना है कि स्वच्छ भारत मिशन, एक आदर्श एवं पूर्णतावादी जन-पहल है, और इसमें दो राय नहीं कि यह देशवासियों की मानसिकता बदलने में प्रभावी और सफल रहा है. Also Read - विदेशी कर्ज से अधिक हुआ भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार, अनुराग ठाकुर बोले- भारत अब 'शुद्ध ऋणदाता' वाला देश

बीमा क्षेत्र में सक्रिय मध्यवर्ती संस्थाओं में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, बीमा क्षेत्र के लिए बहुत मददगार साबित होगा. यह स्वागतयोग्य कदम है. हमें उम्मीद है कि अब अधिक लोगों को बीमा कवरेज का लाभ मिलेगा और अस्पतालों में लेन-देन में तेजी आएगी. इससे स्वास्थ्य सुरक्षा तो बढ़ेगी ही, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अधिक अवसर भी पैदा होंगे. इसके अतिरिक्त, चिकित्सा बीमा के लिए कटौती की सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये करने से भी लोगों को बहुत लाभ होगा. Also Read - दिल्ली की जनता केंद्र को 1.5 लाख करोड़ का टैक्स देती है और बजट में राजधानी को मिले सिर्फ 325 करोड़ रुपए : सिसोदिया

समावेशी भागीदारी के लिए सहभागितावादी दृष्टिकोण के साथ, समूचा चिकित्सा उद्योग जगत, आयुष्मान भारत को लेकर नई घोषणाओं के लिए बहुत उम्मीद लगाए बैठा था. आयातित चिकित्सा उपकरणों पर कुछ राहत प्रदान करने से निश्चित तौर पर इस क्षेत्र को लाभ होगा.