नई दिल्ली: देश के वरिष्ठ उद्योगपति रतन टाटा ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण उद्यमियों को अपने नए या संशोधित उद्यमों को सक्षम बनाने के लिए नए तरीके अपनाने होंगे और नए रास्ते बनाने होंगे, ये नए तरीके आने वाले कल के लिए नए प्रतिमान होंगे. Also Read - यूपी सरकार ने शॉपिंग मॉल खोलने को लेकर जारी किए दिशानिर्देश, मास्क के बिना अनुमति नहीं

टाटा संस के मानद अध्यक्ष ने कहा कि वह मौजूदा समय में चुनौतियों और कठिनाइयों को कम करके नहीं आंकना चाहते. उन्होंने कहा कि ”अब यह कोरे कागज पर नई इबारत लिखने जैसा हो सकता है, जिसमें काम करने के ऐसे तरीकों पर ध्यान होगा, जिसके बारे में पहले कभी सोचा नहीं गया होगा.” Also Read - Goggle Mask: कोरोना को देने मात, लखनऊ दंपति ने बनाया 'गॉगल मास्क'

टाटा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में उम्मीद जताई कि महामारी के बाद उद्यमियों को अपने परिचालन के लिए एक बेहतर तरीका मिलेगा. कोरोना वायरस महामारी के चलते भारत सहित दूनिया भर में आर्थिक गतिविधियां गंभीर रूप से बाधित हुई हैं. Also Read - सन फार्मा ने शुरू किया इस दवा के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल, 210 मरीजों पर होगा टेस्ट 

टाटा ने कहा कि अतीत में कठिन समय के दौरान उद्यमियों ने अविश्वसनीय दूरदर्शिता और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया है और वे आज नवाचार और नई तकनीक के ध्वजवाहक बन गए हैं. उन्होंने कहा मुझे उम्मीद है कि मौजूदा संकट के परिणामस्वरूप किसी उत्पाद को बनाने, किसी कंपनी को चलाने का एक बेहतर तरीका हमें मिलेगा.

रतन टाटा ने आगे कहा, ”मैं मौजूदा समय में चुनौतियों और कठिनाइयों को कम नहीं मानता. लेकिन नवाचारी सोच और रचनात्मकता उद्यमियों में मेरा विश्वास अभी भी बहुत अधिक है, जो अपने नए या संशोधित उद्यमों को समक्ष बनाएंगे के ऐसे तरीके निकालेंगे, जो आने वाले कल के लिए प्रतिमान होंगे.” उन्होंने कहा कि यह संकट उद्यमियों को नई चीजों को अपनाने और कुछ नया तैयार करने के लिए प्रेरित करेगा.

बता दें कि टाटा अपनी सेवानिवृत्ति के बाद कई स्टार्टअप में सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं. टाटा 1991 से लेकर 28 दिसंबर 2012 को सेवानिवृत्ति तक टाटा संस के अध्यक्ष थे.