वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की पूर्व प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी नरमी को मानवनिर्मित करार दिया और कहा कि इसे मानव ही सही भी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ब्रेक्जिट तथा व्यापार तनाव जैसी समस्याएं हमने खुद ही बनाई हैं और हम इसे ठीक भी कर सकते हैं. लगार्ड ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर को कमजोर बताते हुए कहा कि इसके इर्द-गिर्द जोखिम बना हुआ है. उन्होंने नीति निर्माताओं से मानवनिर्मित व्यवधान करने की अपील की.

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आईएमएफ की पूर्व प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है, जब आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने इस साल के लिये वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर का पूर्वानुमान 3.20 प्रतिशत से घटाकर 2.90 प्रतिशत कर दिया है. यह 2008 में वैश्विक आर्थिक संकट के शुरू होने के बाद की सबसे धीमी दर है. ओईसीडी ने यह भी कहा कि व्यापार तनाव से वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर को नुकसान रहा है.

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लगार्ड ने कहा कि आर्थिक संकट को मंदी बन जाने से रोकने के लिये केंद्रीय बैंकों ने बहुत काम किया है. अब सरकारों की बारी है कि वे कदम उठायें. लगार्ड आईएमएफ की पहली महिला प्रमुख रही हैं. वह यूरोपीय केंद्रीय बैंक की भी पहली महिला प्रमुख बनने वाली हैं. नई जिम्मेदारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनका ध्यान स्थिरता और रोजगार सृजन पर रहेगा वह ऐसे समय यूरोपीय केंद्रीय बैंक की जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संस्थान पर जानबूझकर यूरो का अवमूल्यन करने का आरोप लगा रहे हैं.