प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने आज संसद में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए अपना आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया. भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियम ने इसे तैयार किया है. इसमें भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के रास्ते सुझाए गए हैं. 10 प्वाइंट्स में जानिए इस सर्वेक्षण के अहम सुझाव.

1. जीडीपी की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत पर थी.
2. अगले वित्त वर्ष में निवेश बढ़ने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में भी कमी संभव.
3. 2018 से ही ग्रामीण विकास ने रफ्तार पकड़ी, मांग बढ़ने से निवेश में तेजी आएगी.
4. पिछले 5 साल में औसत जीडीपी विकास दर 7.5 फीसदी रही.
5. वैश्विक व्यापर के स्तर पर तनाव के निर्यात पर असर पड़ेगा.
6. वित्तीय वर्ष 2015 तक विकास दर 8 फीसदी बनाए रखने की जरूरत.
7. NBFC सेक्टर में दबाव का विकास दर पर असर, 2020 में हैं कई वित्तीय चुनौतियां.
8. धीमी विकास दर, GST, कृषि योजनाओं का अर्थव्यवस्था पर असर.
9. वित्त वर्ष 2018-19 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पांच साल के न्यूनतम स्तर 6.8 प्रतिशत रही थी.
10. 2018-19 में राजकोषीय घाटा 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान. इसका संशोधित बजट अनुमान 3.4 प्रतिशत का था.