Economic Survey 2020-21: संसद का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है. बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ होगी. इसके बाद 1 फरवरी को बजट पेश किया जायेगा. इस बार बजट सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. तमाम विपक्षी दलों ने तीन नये कृषि कानूनों, पूर्वी लद्दाख गतिरोध, अर्थव्यवस्था की स्थिति, महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है.Also Read - Budget 2022: सैलरीड क्लास को राहत देने के लिए आयकर स्लैब में बढ़ोतरी करने पर सरकार को करना चाहिए विचार

इस साल 29 जनवरी को मुख्य आर्थिक सलाहकार के मार्गदर्शन में तैयार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किया जाएगा. वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ इकनॉमिक अफेयर्स की इकनॉमिक्स डिवीजन, आर्थिक सर्वे तैयार करती है. और ये सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में तैयार होता है. Also Read - Budget 2022: 31 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र, 1 फरवरी को पेश किया जाएगा आम बजट

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मालूम हो कि बजट सरकार आगामी वित्त वर्ष के लिए पेश करती है, लेकिन इकोनॉमिक सर्वे मौजूदा वित्त वर्ष का लेखा-जोखा होता है. बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था की सालाना आधिकारिक रिपोर्ट होती है. इस दस्तावेज को बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है.

इसमें भविष्य में बनाई जाने वाली योजानाओं और अर्थव्यवस्था में आने वाली चुनौतियों की सारी जानकारी दी जाती है. इस सर्वेक्षण में देश के आर्थिक विकास का अनुमान होता है. आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात की जानकारी दी जाती है कि आगामी वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी या फिर धीमी रहेगी. सर्वेक्षण के आधार पर ही सरकार द्वारा बजट में ऐलान किए जाते हैं, हालांकि इन सिफारिशों को मानने के लिए सरकार कानूनी तौर पर बाध्य नहीं होती है.

उधर, कांग्रेस समेत देश के 16 विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बहिष्कार का फैसला किया है. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने यह जानकारी दी. विपक्षी दलों के नेताओं के बयान में कहा गया है कि कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नेशनल कांफ्रेंस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, सपा, राजद, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, आरएसपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस (एम) और एआईयूडीएफ ने संयुक्त रूप से यह फैसला किया है.

(इनपुट: एजेंसी)