नई दिल्लीः 11 हजार करोड़ से ज्यादा के पंजाब नैशनल बैंक घोटाले में आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी उसकी पत्नी एमी और मामा चौकसी सोमवार को मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं हुए. हालांकि यह पता नहीं चला है कि क्या एजेंसी उन्हें फिर से समन जारी करेगी. यदि एजेंसी उन्हें नया समन जारी नहीं करती है तो उम्मीद है कि वह मुंबई में विशेष अदालत से उनके खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी करने का आग्रह करेगी. प्रवर्तन निदेशालय ने 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले के सिलसिले में पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता को समन किया है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. इस घोटाले के सूत्रधार हीरा कारोबार नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के प्रवर्तक मेहुल चौकसी हैं. Also Read - अहमद पटेल के बचाव में उतरीं प्रियंका गांधी, बोली- पटेल के घर ईडी भेजना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है

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ईडी ने सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के कार्यकारी निदेशक के वी ब्रह्माजी राव से पूछताछ कर यह समझने का प्रयास किया कि कैसे यह घोटाला पकड़ा गया. साथ ही उनसे बैंकिंग प्रक्रियाओं के बारे में पूछा गया. अधिकारियों ने बताया कि मेहता जब इस सप्ताह ईडी के समक्ष पेश होंगे तो उनसे भी इसी तरह के सवाल पूछे जाएंगे. अधिकारियों ने कहा कि पीएनबी के दोनों अधिकारियों से अभियुक्त के रूप में पूछताछ नहीं की गई है. Also Read - अहमद पटेल के घर तीसरी बार पूछताछ के लिए पहुंची ईडी, Sandesara scam मामले की चल रही जांच

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नीरव मोदी ने लिखा था लेटर

इससे पहले नीरव मोदी ने कहा था कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने मामले को सार्वजनिक कर उससे बकाया वसूलने के सारे रास्ते बंद कर लिए हैं. इसके साथ ही मोदी का दावा है कि पीएनबी का उसकी कंपनियों पर बकाया बैंक द्वारा बताई गई राशि से बेहद कम है. पीएनबी प्रबंधन को 15/16 फरवरी को लिखे एक पत्र में मोदी ने कहा कि उसकी कंपनियों पर बैंक का बकाया 5,000 करोड़ रुपये से कम है. पत्र के अनुसार गलत तौर पर बताई गई बकाया राशि से मीडिया में होहल्ला हो गया और परिणाम स्वरूप तत्काल तौर पर खोज का काम शुरू हो गया और परिचालन भी बंद हो गया. पत्र में मोदी ने लिखा है कि इससे समूह पर बैंक के बकाया को चुकाने की हमारी क्षमता खतरे में पड़ गई है.

देश छोड़कर भागा

गौरतलब है कि मोदी, अपने परिवार समेत जनवरी के पहले हफ्ते में ही देश छोड़कर भाग गया था. उसने कहा कि 13 फरवरी को की गई मेरी पेशकश के बावजूद बकाया को तत्काल पाने की व्यग्रता में (बैंक ने जानकारी 14/15 फरवरी को सार्वजनिक की) आपकी (बैंक) कार्रवाई ने मेरे ब्रांड और कारोबार को तबाह कर दिया और इससे अब बकाया वसूलने की आपकी क्षमता सीमित हो गई है.