Edible Oil Import News: कोरोनावायरस महामारी की वजह से होटलों में खपत काफी कम होने और घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना से 2020-21 में भारत का खाद्य तेल आयात 1.25-1.35 करोड़ टन रहने का अनुमान है. साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने इसकी जानकारी दी है.Also Read - यूक्रेन से सन फ्लॉवर ऑयल का आयात रुकने के बाद मार्च में पॉम तेल का आयात 18.7 फीसदी बढ़ा

देश का खाद्य तेल का आयात तेल वर्ष 2019-20 (नवंबर-अक्टूबर) में 13 फीसदी घटकर एक करोड़ 35.2 लाख टन रहा था. मुंबई स्थित सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने एक बयान में कहा कि हम वर्ष 2020-21 में खाद्य तेल आयात 1.25 से 1.35 करोड़ टन के बीच सीमित रहने का अनुमान कर रहे हैं. Also Read - Big News: NCB का समुद्र में ऑपरेशन, नेवी के सपोर्ट से 2000 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ जब्‍त किए

घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ने तथा खाद्य तेल उत्पादन 10-15 लाख टन अधिक रहने की संभावना को देखते हुए खाद्य तेल का आयात सीमित रह सकता है. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर घरेलू खपत कम होने की वजह से कमजोर मांग से आयात पर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा, ”भारत एक मूल्य-संवेदनशील बाजार है और उच्च कीमतें नकारात्मक रूप से खपत को प्रभावित कर सकती हैं.” Also Read - Edible Oil Price: खाद्य तेलों की कीमतें होंगी कम, सरकार ने 12.5% घटाया आयात शुल्क

एसईए ने कहा है कि तिलहन किसान, विशेष रूप से सरसों उत्पादक, अधिक रकबे में सरसों फसल लगा रहे हैं – जो इस बार सरसों की बेहतर कीमत मिलने की वजह से हुआ है. उन्होंने कहा, ”अगर तेल उत्पादन में अच्छी वृद्धि होती है तो हमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए.” उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं को मिलाकर देखें, तो इससे संभावना बनती है कि देश का खाद्य तेल आयात सीमित रहेगा.

(Inputs from Bhasha)