नई दिल्ली: नये प्रतिभाओं के लिए पिछले कुछ सालों में रोजगार के अवसरों में तेजी से वृद्धि हुई है और इस साल यह आंकड़ा 45.60 प्रतिशत हो गया है. इंजीनियरिंग, बीफार्मा और एमसीए जैसे प्रमुख क्षेत्रों के कारण रोजगार के अवसरों में तेजी रही है.Also Read - भारत से विदा हुआ दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून, 1975 के बाद 7वीं बार सबसे देर से हुई रवानगी

भारत कौशल रिपोर्ट 2018 के मुताबिक, रोजगार प्राप्त युवकों का प्रतिशत बढ़कर 45.60 प्रतिशत हो गया है, जो कि 2014 में 33 प्रतिशत था. रिपोर्ट में बताया गया है कि सामान्य पाठ्यक्रमों की तुलना में व्यावसायिक पाठ्यक्रम अधिक रोजगार दक्ष उम्मीदवारों को तैयार कर रहे हैं. इसके अलावा इन पाठ्यक्रमों को रोजगार के लिहाज से बेहतर माना गया है, जहां प्रायोगिक अनुभव और इंटर्नशिप पाठ्यक्रम का एक सामान्य हिस्सा है. Also Read - IND vs PAK, T20 World Cup 2021: Jasprit Bumrah के पास 'गोल्डन चांस', इतिहास रचने की दहलीज पर

मानव संसाधन से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी पीपुलस्ट्रॉन्ग के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पंकज बंसल ने कहा, ‘2017 में नौकरी बाजार में गतिविधियां सुस्त रहने के बाद आपूर्ति क्षेत्र में रोजगार में सुधार और संगठनों द्वारा अधिक नौकरियां सृजित किया जाना बेहतर संकेत है.’ हालांकि उन्होंने कहा कि नयी प्रतिभाओं की आपूर्ति और मांग दोनों मोर्च पर अभी बहुत प्रयास किये जाने की जरुरत है. Also Read - IND vs PAK, T20 World Cup 2021: भारतीय खिलाड़ियों को नींद की गोलियां खिलाकर जीतेगा पाकिस्तान! Shoaib Akhtar ने दी 'अनोखी' सलाह