EPF या PPF... 15 साल की नौकरी में कौन सी स्कीम से बनेगा बड़ा फंड, टैक्स बेनिफिट किसमें ज्यादा, समझ लें अपने काम की बात

आमतौर पर प्राइवेट एम्प्लॉयी के लिए EPF स्कीम होता है. इस स्कीम के तहत एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी का 12% हर महीने PF अकाउंट में डाला जाता है. दूसरी ओर, अगर आप टैक्स में छूट और रिटर्न वाले निवेश की तलाश में हैं, तो पब्लिक प्रॉडिडेंट फंड यानी PPF में निवेश बहुत अच्छा ऑप्शन हो सकता है.

Published date india.com Published: December 23, 2025 7:41 PM IST
EPF या PPF... 15 साल की नौकरी में कौन सी स्कीम से बनेगा बड़ा फंड, टैक्स बेनिफिट किसमें ज्यादा, समझ लें अपने काम की बात
टैक्स बेनिफिट के मामले में EPF और PPF दोनों ही EEE यानी Exempt, Exempt, Exempt कैटेगरी में आते हैं.

हर किसी को अपनी जिंदगी में ढेर सारा पैसा चाहिए. लेकिन, पैसों के लिए जिंदगी भर काम भी तो नहीं किया जा सकता. इसलिए समझदार लोग नौकरी करते हुए ऐसी स्कीम में निवेश करना चाहते हैं, जिससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद अच्छा-खासा फाइनेंशियल सपोर्ट मिले. मार्केट में रिटायरमेंट के लिए निवेश के तमाम ऑप्शन मौजूद हैं. ऐसे में सही स्कीम चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. रिटायरमेंट के लिए एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF), पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) ऐसे दो ऑप्शन हैं, जिनको लेकर लोग अक्सर कंफ्यूज्ड हो जाते हैं.

आइए समझते हैं कि पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड में कौन सी स्कीम आपके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है. किसमें टैक्स की ज्यादा बचत होगी?

EPF क्या है?
EPF का मतलब है कर्मचारी भविष्य निधि यानी एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड. ये स्कीम उन कंपनियों में लागू होती है, जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. आमतौर पर प्राइवेट एम्प्लॉयी के लिए EPF स्कीम होता है. इस स्कीम के तहत एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी का 12% हर महीने PF अकाउंट में डाला जाता है. इतना ही हिस्सा एम्प्लॉयर की तरफ से भी कॉन्ट्रिब्यूट किया जाता है. अभी EPF पर 8.25% का ब्याज मिल रहा है. 58 साल के बाद इस अकाउंट से पैसे निकाले जा सकते हैं. हालांकि, EPFO खास परिस्थितियों में शर्तों और लिमिट के साथ पैसे निकालने की परमिशन देती है.

PPF क्या है?
अगर आप टैक्स में छूट और रिटर्न वाले निवेश की तलाश में हैं, तो पब्लिक प्रॉडिडेंट फंड यानी PPF में निवेश बहुत अच्छा ऑप्शन हो सकता है. PPF में निवेश EEE की कैटेगिरी में आता है. इस स्कीम में आपको इनकम टैक्स में छूट का पूरा फायदा मिलता है. मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी कोई टैक्स नहीं देना होता. PPF अकाउंट में सरकार आपको सिक्योरिटी की गारंटी देती है. PPF अकाउंट पर इस समय 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है. यानी इसमें इंवेस्ट करके आप एक तरह अपना मोटा टैक्स बचा सकते हैं.

रिटर्न का कैल्कुलेशन समझिए

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  • मान लेते हैं कि मिस्टर A हर महीने 10,000 रुपये जमा करते हैं. हम 10 से 15 साल के बेसिस पर रिटर्न का कैल्कुलेशन करेंगे.
  • PPF में निवेश की अवधि 15 साल है. इसमें अगर 10 हजार रुपये हर महीने इंवेस्ट किया, तो साल में 1,20,000 रुपये होगा. 7.1% इंटरेस्ट के हिसाब से 15 साल में 31,39,919 रुपये का मैच्योरिटी अमाउंट बनेगा. इसमें करीब 18 लाख रुपये आपका निवेश होगा और 13.4 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे.
  • अब EPF की बात करते हैं. EPF में अगर हर महीने 10 हजार का कॉन्ट्रिब्यूशन होता है, तो साल में 1 लाख 20 हजार हुआ. 8.5% ब्याज के साथ कॉन्ट्रिब्यूशन 18,00,000 रुपये हो जाएगा. 15 साल बाद मैच्योरिटी अमाउंट करीब 34,12,219 रुपये हो जाएगा.

निवेश के लिहाज से कौन बेहतर?
अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपके लिए NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) और GPF (जनरल प्रॉविडेंट फंड) पहले से ही अनिवार्य और सुरक्षित ऑप्शन है. अगर आप प्राइवेट सेक्टर में हैं और लॉन्ग टर्म में टैक्स-फ्री और रिस्क फ्री निवेश चाहते हैं, तो PPF सबसे अच्छा ऑप्शन है. चूंकि प्राइवेट सेक्टर के एम्प्लॉयी होने के नाते आपका EPF अकाउंट भी जरूर होगा. ऐसे में आप चाहे तो PPF ऑप्शन भी चुन सकते हैं. इससे आपका रिटायरमेंट फंड बढ़ेगा ही. मार्केट लिंक्ड होने के कारण PPF में आपको सबसे ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना है.

टैक्स बेनिफिट किसमें ज्यादा?
टैक्स बेनिफिट के मामले में EPF और PPF दोनों ही EEE यानी Exempt, Exempt, Exempt कैटेगरी में आते हैं. यानी दोनों ही स्कीम में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर टैक्स नहीं EPF में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन और ज़्यादा इंटरेस्ट बेनिफिट मिलता है. इससे कुल फंड ज़्यादा बनता है. PPF सेल्फ-एम्प्लॉयड या नौकरीपेशा दोनों के लिए है. ये फ्लेक्सिबल इंवेस्टमेंट ऑप्शन भी है.

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