
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
अगर आप किसी कंपनी में रेगुलर बेसिस पर काम करते हैं. हर महीने आपके अकाउंट में सैलरी आती है, तो आपका एक प्रॉविडेंट फंड (Provident Fund) अकाउंट भी जरूर होता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से सभी सैलरीड इनकम वाले लोगों को प्रॉविडेंट फंड (PF) की ये सुविधा दी जाती है. इसके लिए एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी से हर महीने 12% अमाउंट काटा जाता है. इतना ही कॉन्ट्रिब्यूशन कंपनी भी करती है. ये पैसा PF अकाउंट में जमा होता है. जिन एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी 15000 या उससे कम है, उनके लिए PF में कॉन्ट्रिब्यूशन जरूरी है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि हर महीने PF जमा होने के बाद EPFO सारा पैसा अपने पास नहीं रखता. EPFO प्रॉविडेंट फंड के इन पैसों को अलग-अलग सरकारी स्कीम और कुछ हिस्सा शेयर मार्केट में भी लगाता है. वहीं, अगर कभी आपको प्रॉविडेंट फंड में कम बैलेंस जमा होना दिखे,तो आपके पास पाई-पाई का हिसाब पाने का तरीका भी है.
कितने हिस्सों में जाता है कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन?
PF में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन 3 हिस्सों में जाता है. 3.67% रकम EPF में जमा होती है. बाकी 8.33% EPS यानी एम्प्लॉयी पेंशन सर्विस और IDLI (इंश्योरेंस) में डाला जाता है. मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी का 12% 2000 रुपये हुआ. आपकी तरफ से पूरे 2000 रुपये EPF खाते में जाएंगे. आपकी कंपनी भी 2000 रुपये जमा करेगी. लेकिन, कंपनी का हिस्सा बंटा होगा. करीब 611 रुपये (3.67%) EPF में जाएंगे. 1389 रुपये (8.33%) EPS यानी एम्प्लॉयी पेंशन सर्विस में जमा होंगे. इस तरह नियोक्ता का योगदान कम दिखाई देता है लेकिन पूरी रकम आपके भविष्य के लिए ही उपयोग होती है।प्रॉविडेंट फंड का ये ये पैसा आपके रिटायरमेंट के लिए होता है, ताकि नौकरी खत्म होने के बाद आपको जिंदगी का गुजारा करने में मदद मिले.
कंपनी कब जमा करती है PF का पैसा?
कई बार हमारे मन में ख्याल आता है कि हर महीने हमारी सैलरी से PF के नाम पर जो पैसा काटा जाता है और कंपनी भी जो अपना कॉन्ट्रिब्यूशन देती है, वो हमारे PF अकाउंट में हर महीने क्यों नहीं दिखता? दरअसल, एम्प्लॉयीज की सैलरी से PF अमाउंट डिडक्ट करने के बाद 15 दिन के अंदर EPFO में जमा करने का नियम है.मतलब अगर आपकी सैलरी महीने की 1 तारीख को आती है, तो PF कॉन्ट्रिब्यूशन इसी महीने की 15 तारीख तक जमा करना जरूरी है. जमा होने के कम से कम 15 दिन बाद ही अकाउंट में बैलेंस अपडेट होता है.
EPFO कहां निवेश करता है आपका पैसा?
EPFO प्रॉविडेंट फंड में जमा की गई रकम को सिर्फ जमा करके नहीं रखता, बल्कि उसका बड़ा हिस्सा इंवेस्ट करता है.करीब 85% पैसा सरकारी बॉन्ड, ट्रेजरी बिल्स और पब्लिक यूनिट की गारंटीड इंवेस्टमेंट स्कीम में लगाया जाता है.इसका मकसद ज्यादा रिटर्न पाना होता है. इस इंवेस्टमेंट में प्रिंसिपल अमाउंट को सिक्योर रखने पर खास ध्यान भी दिया जाता है, ताकि PF अकाउंट होल्डर को कोई नुकसान न हो.
शेयर मार्केट में भी निवेश कर रहा EPFO
हाल के सालों में EPFO ने अपने कुल निवेश का करीब 15% हिस्सा शेयर मार्केट से जुड़े ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में भी लगाना शुरू किया है. यह निवेश लॉन्ग टर्म रिटर्न बढ़ाने के इरादे से किया गया है. हालांकि, इसका रिस्क लिमिट में रखने की कोशिश की जाती है.
PF अकाउंट की जांच क्यों जरूरी है?
कई बार एंप्लॉयर समय पर EPF की राशि जमा नहीं करता या गलत डेटा अपलोड हो जाता है. ऐसे में अगर आप अपने अकाउंट की रेगुलर जांच नहीं करते, तो यह गलती महीनों तक पता नहीं चलती है. EPFO ई-पासबुक के जरिए आप अपने PF अकाउंट का बैलेंस और हर महीने का कॉन्ट्रिब्यूशन ट्रैक कर सकते हैं. इसके अलावा EPFO SMS के जरिए भी हर ट्रांजैक्शन की जानकारी भेजता है.
PF कॉन्ट्रिब्यूशन में गड़बड़ी क्यों होती है?
PF की राशि न आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. मसलन, कई बार कंपनी पर वित्तीय दबाव या बिजनेस में नुकसान हो सकता है. EPFO में पेमेंट देर से जमा हो सकता है. गलत कर्मचारी कोड या बैंक डिटेल जा सकती है.
कई बार कंपनी PF काट तो लेती है, मगर जमा नहीं करती. इन कारणों से कर्मचारी का बैलेंस गलत दिखने लगता है या एंप्लॉयर का हिस्सा जुड़ता नहीं है.
अगर PF में पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर आपके EPF अकाउंट में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं दिख रहा या कम दिख रहा है, तो आप कुछ स्टेप को फॉलो करके पाई-पाई का हिसाब जान सकते हैं:-
निष्कर्ष
आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहनी चाहिए.ये EPFO की जिम्मेदारी है और आपका अधिकार भी. अगर आपके PF खाते में एंप्लॉयर का पैसा नहीं दिख रहा है, तो चुप न रहें. तुरंत जांच करें, पासबुक देखें और जरूरत पड़े तो शिकायत दर्ज करें.
FAQs
EPFO क्या है और इसका काम क्या होता है?
EPFO यानी Employees’ Provident Fund Organization, एक सरकारी संस्था है जो निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की भविष्य निधि (PF) का संचालन करती है.
अगर कंपनी PF का पैसा नहीं जमा करे तो क्या करें?
आप EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं और सैलरी स्लिप की कॉपी प्रमाण के रूप में अपलोड करें.
PF पासबुक में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन अपडेट क्यों नहीं दिखता?
यह देरी, तकनीकी गड़बड़ी या कंपनी की ओर से पेमेंट में चूक के कारण हो सकती है. ऐसे में HR विभाग या EPFO से संपर्क करें.
क्या कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है?
हां, अगर शिकायत के बाद भी कंपनी नियमों का पालन नहीं करती, तो EPFO के जरिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
PF बैलेंस कैसे जांचें?
आप EPFO की ई-पासबुक पोर्टल, ‘UMANG’ ऐप या SMS सेवा के जरिए हर महीने PF बैलेंस देख सकते हैं.
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