EPFO News: कोरोना महामारी या किसी अन्य कारण से नौकरी चली गई हो तो भी पीएफ, पेंशन और ईडीएलआई का लाभ उठाया जा सकता है. EPFO इसके लिए अहम बदलाव करने जा रहा है. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि इससे लाखों लोग लाभान्वित होंगे. इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, EPFO ​​(कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) उन लोगों के लिए एक खास योजना लाने की प्रक्रिया में है, जो पहले इसके सदस्य रह चुके हैं. ऐसे लोग जिनकी नौकरी छूटने या किसी भी कारण से अनौपचारिक क्षेत्र में जाने को मजबूर हैं, वे हर महीने न्यूनतम 500 रुपये या 12 प्रतिशत आय का योगदान देकर इसका लाभ उठा सकेंगे. एक सरकारी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्रस्ताव पर काम शुरू हो गया है.Also Read - EPFO Birth date Update: EPFO में जन्म तिथि को कैसे करें ऑनलाइन अप्डेट, यहां जानें- स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

ईपीएफओ के एक अनुमान के मुताबिक, 2018-2020 के दौरान करीब 48 लाख लोगों ने ईपीएफओ सब्सक्रिप्शन से बाहर होने का विकल्प चुना. कोरोना महामारी के चलते बाद में यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है. अगर ईपीएफओ का यह प्रस्ताव धरातल पर उतर पाता है तो इससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी. Also Read - EPFO Latest Update: EPFO ने नवंबर 2021 में जोड़े 13.95 लाख ग्राहक, 8.28 लाख लोग पहली बार बने मेंबर

इससे ग्राहक न केवल किसी बचत खाते या कई अन्य बचत योजनाओं से अधिक ब्याज प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि उन्हें पेंशन (ईपीएस), पीएफ और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा के तहत सात लाख तक का बीमा कवर भी मिलेगा. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए EPFO ​​की ब्याज दर 8.5 प्रतिशत है. यह बचत खाते और सावधि जमा पर मिलने वाले ब्याज से बेहतर है. फिलहाल बैंक बचत खाते पर 3.5 फीसदी से लेकर 6.25 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं. FD पर नजर डालें तो बैंक फिलहाल 2.5 फीसदी से 5.75 फीसदी की दर से ब्याज दे रहे हैं. Also Read - EPFO E - Nomination: PF खाताधारकों के लिए ई-नामांकन प्रक्रिया अनिवार्य, बिना इसके नहीं चेक कर पाएंगे खाते की रकम