European Union: यूरोपीय संघ (EU) की ओर से एक वैश्विक निवेश योजना (Global Investment Plan) से जुड़े विवरण का खुलासा किया जाएगा, जिसे व्यापक रूप से चीन की बेल्ट एंड रोड (China’s Belt and Road) पहल के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जा रहा है. बीबीसी ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में दावा करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ एक ऐसी वैश्विक निवेश योजना की घोषणा करने वाला है, जिसे चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के प्रतिद्वंद्वी के रूप में माना जा रहा है.Also Read - शिवसेना का निशाना, कहा- BJP को चीन की ‘घुसपैठ’ के बारे में भी बोलना चाहिए, ना कि सिर्फ पाकिस्तान के बारे में

इस व्यापक योजना में डिजिटल, परिवहन, जलवायु और ऊर्जा योजनाओं पर ‘ठोस’ कदम शामिल होंगे. इसे अफ्रीका और अन्य जगहों पर चीनी प्रभाव का मुकाबला करने के पश्चिम के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है. Also Read - India-China की 14वें दौर की सैन्‍य कमांडर स्‍तर की वार्ता विफल, लेकिन दोनों देश आगे बातचीत पर सहमत

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन बुधवार इसी ‘ग्लोबल गेटवे’ इनिशिएटिव को दुनिया के सामने पेश करेंगी. यूरोपीय संघ देख रहा है कि वो कैसे अपने सदस्य देशों, वित्तीय संस्थानों और निजी क्षेत्र के अरबों यूरो का फायदा उठा सकता है. Also Read - पश्चिमी मोर्चे पर पड़ोसी पाकिस्‍तान के मंसूबे उजागर, उत्‍तरी में चीन के लिए हमने मजबूत तैयारी की है: आर्मी चीफ

वॉन डेर लेयेन ने सितंबर में अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण में कहा था, “हम दुनिया भर में उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे में निवेश करना चाहते हैं ताकि लोगों को सामान (गुड्स) और सेवाओं (सर्विसेज) से जोड़ा जा सके.”

बुधवार को जारी होने वाले 14 पन्नों के दस्तावेज में स्पष्ट रूप से खुद को चीन की रणनीति के प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करने की संभावना नहीं है. मंगलवार को भी इस योजना के बारे में पूछे जाने पर यूरोपीय आयोग ने चीन का उल्लेख तक करने से भी परहेज किया.

लेकिन जर्मन मार्शल फंड के एक वरिष्ठ ट्रान्साटलांटिक फेलो एंड्रयू स्मॉल का कहना है कि संकेत साफ हैं, “अगर बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव नहीं होता तो ‘ग्लोबल गेटवे’ भी मौजूद नहीं होता.”

एंड्रयू स्मॉल ने आगे कहा, “ये यूरोप की ओर से उन देशों के लिए एक विकल्प की तरह होगा. जो चीन से ऋण लेते हैं उनके पास एक और विकल्प होगा. ये यूरोप की पहली गंभीर कोशिश है.”

बेल्ट एंड रोड चीन की विदेश नीति का केंद्र बिंदु रहा है. इसके तहत चीन ने नई सड़कें, बंदरगाह, रेलवे और पुलों में पैसा लगाकर अपने व्यापारिक संबंधों को दुनिया भर में विकसित किया है.

चीन की ये रणनीति एशिया, इंडो-पैसिफिक, अफ्रीका और यहां तक कि यूरोपीय संघ के पड़ोस तक पहुंच गई है.

(With IANS Inputs)