नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पेटीएम की कर्मचारी आईडी और डिफॉल्ट पासवर्ड बनाने की प्रणाली का बेजा इस्तेमाल कर उससे कथित रुप से धोखाधड़ी करने को लेकर उसके एक पूर्व कर्मचारी को आरोपपत्र में नामजद किया है. एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि जांच एजेंसी ने सावन नरेंद्र अवारे और उसके पांच साथियों को आपराधिक साजिश से भादसं की संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के उल्लंघन को लेकर आरोपित किया है. Also Read - जेल से छूटने के बाद ड्रग्स केस की आरोपी रिया चक्रवर्ती बिग बॉस 14 में करेंगी एंट्री? लेकिन...

एजेंसी के अनुसार, जांच से पता चला कि रिफंड प्रक्रिया (उत्पादों की वापसी) के जानकारी सावन ने पेटीएम वेबसाइट के माध्यम से बिकने वाले उत्पादों पर 20-50 फीसद की छूट के साथ दी और ग्राहकों को फंसाया. Also Read - टीआरपी घोटाला! सीबीआई ने अपने हाथों में ली जांच, दर्ज की पहली FIR

सीबीआई ने सावन को आरोपित किया है जिसने दो महीने काम करने के बाद पेटीएम छोड़ दिया और सूरज ठाकुर, पुरुषोत्तम यादव, दीपक यादव, तुषार रेवरिया, राजेश मेहो के साथ यह कथित धोखाधड़ी शुरु की. Also Read - Hathras case Latest Updates: कहां तक पहुंची हाथरस मामले की सीबीआई जांच? अब आरोपियों की बारी

सीबीआई ने साकेत अदालत में दाखिल आरोपपत्र में कहा है कि सावन ने उत्पाद की बिना वापसी के कंपनी के सिस्टम से उस पर शत प्रतिशत छूट की पेशकश की. ऐसा उसने अंदाज से पेटीएम कर्मचारियों के आईडी और डिफॉल्ट पासवर्ड तैयार करके किया क्योंकि उसे ऐसा करने का ज्ञान था.

अधिकारियों के अनुसार छूट देकर ग्राहक से पैसा ले लिया जाता था और फिर (उत्पाद का) रिफंड दिखा दिया जाता था. ऐसे में जब ग्राहक तक उत्पादों की आपूर्ति हो जाती थी और ग्राहक उससे संतुष्ट हो जाता था तो (सामान का) रिफंड नहीं दिखना चाहिए था.

सीबीआई के अनुसार पेटीएम वालेट और बैंक एटीएम के माध्यम से इन रिफंड से कंपनी को 11 लाख रूपये का चूना लगाया गया जो लेखा अंकेक्षण के दौरान पता चला.