EY Economy Watch report: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर घोषित अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ के लागू होने के साथ ही अब अमेरिका में भारतीय आयातों पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया. इससे भारत में कई उद्योगों को नुकसान तो होने की संभावना है लेकिन लंबे समय में ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला.
ईवाई इकोनॉमी वॉच की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर दोनों देश 2030 के बाद भी अनुमानित दरों पर विकास करते रहे तो 2038 तक भारत क्रय शक्ति समता (पीपीपी) के मामले में अमेरिका से आगे निकल जाएगा. भारत अगले 13 वर्षों में क्रय शक्ति समता के मामले में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और इसकी अनुमानित कीमत 34.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.
ईवाई इकोनॉमी वॉच की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले सालों में भारत और अमेरिका की औसत अनुमानित विकास दर क्रमशः 6.5% और 2.1% रहेगी. आईएमएफ के अनुमानों पर आधारित ईवाई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2030 तक 20.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगी जो अमेरिका, चीन और जर्मनी से बेहतर होगी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि विकास के मामले में भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे गतिशील है. भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व अर्थव्यवस्था और अन्य सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से काफी आगे है. 2024 में यह वृद्धि अमेरिका की तुलना में 2.3 गुना है. बाद के वर्षों में भारत की वृद्धि अमेरिका की तुलना में 3.1 से 3.6 गुना के बीच रहने का अनुमान है. भारत 2038 में 2021 पीपीपी-आधारित अंतर्राष्ट्रीय डॉलर के मामले में अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ सकता है.
मॉर्गन स्टेनली ने भी गुरुवार, 28 अगस्त को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत की मैक्रो बैलेंस शीट की शुरुआत सकारात्मक स्थिति में है. रिपोर्ट में अगले 10 वर्षों में औसतन 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है जिसमें मुद्रास्फीति के आरबीआई के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप रहने की संभावना है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.