Farmers Protest Latest News: पीएम मोदी आज देव दिपावली मनाने के लिए वाराणसी में हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून की वकालत की है. उन्होंने कहा कि लोग किसानों को भ्रमित कर रहे हैं. अफवाहैं फैलाई जा रही हैं. किसानों को डराया जा रहा है. पीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब और हरियाणा के किसान नए कृषि कानून का विरोध करने के लिए दिल्ली कूच कर चुके हैं और पिछले पांच दिनों से वे आंदोलनरत हैं. किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए अड़े हुए हैं. वे सरकार की कोई भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं. Also Read - West Bengal: PM मोदी के पहुंचने से पहले बवाल, हावड़ा में BJP कार्यर्ताओं पर हमला, TMC वर्कर्स पर आरोप

किसानों के हित की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये ऐतिहासिक कृषि सुधार हैं. इसके खिलाफ गलत अफवाह फैलाने वाले लोग हमेशा किसानों के खिलाफ रहे हैं. MSP हमेशा से था लेकिन इसके लिए कोई तय प्लान नहीं था. उनलोगों ने किसानों की कर्ज माफी से जुड़े झूठे वादे भी किए हैं.” Also Read - सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती: गृह मंत्री अमित शाह ने नेताजी को दी श्रद्धांजलि, कही ये बात

वहीं, केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान अब पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की दहलीज पर केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 5वां दिन है. दिल्ली-हरियाणा सिंधु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर (Tikri and Singhu Borders) किसानों के आंदोलन की वजह से सील कर दिया गया है. उधर, गाजीपुर-गाजियाबाद बॉर्डर पर भी किसानों के जमावड़े को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेड्स और सिक्योरिटी बढ़ा दी है. वहीं, किसानों के प्रदर्शन को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. Also Read - किसान आन्दोलन: कृषि मंत्री की दो टूक- हमारे प्रस्ताव पर फिर से विचार करें किसान, इससे बेहतर नहीं कर सकते

सरकार के प्रस्ताव को मानने को तैयार नहीं हैं किसान

किसानों के लगातार भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार ने शनिवार को कहा कि वह उनके साथ कभी भी बातचीत के लिए तैयार है और साथ ही उनसे आंदोलन बंद करने का आग्रह भी किया. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए तीन दिसंबर को 32 प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के साथ एक बैठक पहले ही निर्धारित की जा चुकी है और यदि ये संगठन चाहें तो सरकार उनके नेताओं से पहले भी बातचीत करने के लिए तैयार है. गृहमंत्री अमित शाह ने भी शनिवार को किसानों से अपील की कि वे अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के बुराड़ी मैदान में चले जाएं. साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के निर्धारित स्थल पर जाते ही केंद्र सरकार उनके साथ वार्ता करने के लिए तैयार है.