कोरोना काल में कई इंडस्ट्रीज की हालत बिगड़ने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था का भी बुरा हाल हो गया. देशभर में ऑटो, टूरिज्म सेक्टर अपने सबसे बुरे दौर में पहुंच गए. यहां तक कि एमएसएमई के लिए अपना कारोबार चला पाना मुश्किल हो गया. लेकिन फैशन इंडस्ट्री पर इसका कोई खास असर नहीं देखा गया. कोरोना काल में इस इंडस्ट्री में 51 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. जिससे यह साफ होता है कि लोगों ने कपड़े, जूते, चप्पल और फैशन से जुड़े दूसरे सामानों की जमकर खरीदारी की.Also Read - कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, Covid से बचने को इन 9 नियमों को फिर से अपने जीवन में लें उतार

फैशन ई-कॉमर्स रिपोर्ट’ के मुताबिक इस दौरान बच्चे के कपड़ों की सेल में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसकी ग्रोथ 200 फीसदी से भी ज्यादा रही. ऑनलाइन फैशन सेल की बात करें तो यहां ओवरऑल 51 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है. Also Read - Covid 19 in India: कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में 17,336 लोग हुए संक्रमित, महाराष्ट्र में बढ़े एक्टिव मामले

ऑनलाइन फैशन सेगमेंट पर यूनीकॉमर्स की यह रिपोर्ट जारी की गई है. ‘फैशन ई-कॉमर्स रिपोर्ट’ के मुताबिक फैशन ब्रांड्स में सीधे कंपनियों से ग्राहकों तक सामान पहुंचाने में आई तेजी की वजह से कंपनियों का ग्राहकों के साथ रिश्ता भी मजबूत हुआ है. बता दें, ऑनलाइन कारोबार में सबसे बड़ा योगदान फैशन से ही आता है और कोरोना काल में लोगों ने ऑनलाइन में चल रहे ऑफर्स का जमकर फायदा उठाया. Also Read - मुंबई में कोरोना के मामलों में 50 फीसदी का उछाल, महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में मिले 5,218 नए मरीज

यूनीकॉमर्स की इस रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान छोटे शहरों का ऑनलाइन खरीदारी के प्रति रुझान बढ़ा है. कोरोना के दौरान टियर-2 और टियर 3 शहरों में ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड बढ़ा है. इसका फायदा ऐसे ऑफलाइन स्टोर्स को भी मिला है जो अपने प्रोडक्ट्स ऑनलाइन को सप्लाई कर रहे हैं. टीयर-3 और उससे नीचे के शहरों में ऑर्डर में सबसे अधिक ग्रोथ देखी गई जो 192 फीसदी से ज्यादा रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन सेल में सबसे अधिक भागीदारी बच्चों और महिलाओं के सामानों की रही. बच्चों की सेल में 200 फीसदी की ग्रोथ तो महिलाओं के सामानों की में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई. पुरुषों की बात करें तो इनकी हिस्सेदारी करीब 37 फीसदी रही है. माना जा रहा है कि ऑनलाइन सेल आने वाले दिनों में और ज्यादा ग्रोथ दर्ज की जा सकती है. कोरोना के बाद लोगों के खरीदारी करने के ट्रेंड में बदलाव का फायदा ऑनलाइन बिक्री को मिला है.