Gold demand in festive season: देश में त्यौहारी सीजन धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है. कोरोना वायरस का डर अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है जिसकी वजह से लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने लगे हैं. चूंकि अगले माह में दिवाली है तो ज्वैलरी बाजारों में लंबे समय के बाद फिर से रौनक लौटती हुई दिखाई देने लगी है. अभी यह रौनक और बढ़ने वाली है. लेकिन यहां पर समझना जरूरी है कि आभूषण खरीदते समय आपको किन बारीकियों पर ध्यान देने के जरूरत होती है.Also Read - Sovereign Gold Bond: सस्ते में सोना खरीदने का आखिरी मौका, आज बंद हो जाएगा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का सब्सक्रिप्शन

सोने में रिटर्न कितना? Also Read - शादी में बेटी को माता-पिता से मिले उपहार को दहेज की श्रेणी में नहीं रख सकते - केरल हाईकोर्ट

इस साल सोने ने करीब 30 फीसदी का रिटर्न दिया है. कोरोना के कारण सोने पर लोगों का भरोसा और बढ़ा है. ग्लोबल लिक्विडिटी होने के कारण सोने में चमक बरकरार है. दुनियाभर में राहत पैकेज से सोने में चमक बढ़ी है. सोने की निवेश मांग मजबूत बनी हुई है. US में चुनाव को लेकर अनिश्चितता से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है. Also Read - Gold price today, 9th December 2021: सोने-चांदी में बढ़त का रुख, जानें- आज किस भाव पर बिक रहा है सोना?

ज्वैलरी की मांग में सुधार

अक्टूबर से ज्वैलरी की मांग में सुधार हुआ है. त्योहारी सीजन की मांग के साथ-साथ शादियों की सीजन भी शुरू होने वाला है. इसलिए यह उम्मीद की जा रही है कि अगली तिमाही में मांग अच्छी बनी रहेगी. सोने के साथ डायमंड ज्वैलरी की भी मांग में सुधार देखा जा रहा है. डायमंड की मांग में सुधार की बात करें तो इसमें जुलाई के बाद हर महीने डबल डिजिट ग्रोथ दिखी है.

हॉलमार्क ज्वैलरी ही खरीदें

सोने की शुद्धता का ध्यान रखते हुए हॉलमार्क ज्वैलरी ही खरीदें. सोने की कीमत कैरेट के हिसाब से तय होती है. गोल्ड ज्वैलरी खरीदते समय कैरेट का ध्यान रखें. बिल में शुद्धता और कीमत को जरूर लिखवाएं. गोल्ड ज्वैलरी में मेकिंग चार्ज का ध्यान रखना जरूरी है. जेम्स और स्टोन का सर्टिफिकेट जरूर लें.

समझें ज्वैलरी मेकिंग चार्ज का फंडा

ज्वैलरी में सोने की कीमत के अलावा मेकिंग चार्ज भी लगता है. मेकिंग चार्ज में मेहनताना और वेस्टेज शामिल होता है. ये चार्ज ज्वैलरी की डिजाइन के हिसाब से लगता है. बारीक और जड़ाऊ ज्वैलरी पर ज्यादा मेकिंग चार्ज लगता है. ब्रांडेड ज्वैलर्स का मेकिंग चार्ज सबसे ज्यादा होता है. मेकिंग चार्ज प्रति ग्राम के हिसाब से लगता है. मेकिंग चार्ज 3 फीसदी से लेकर 25 फीसदी तक हो सकता है. ज्वैलरी में वेस्टेज चार्ज 2-5 फीसदी तक होता है.