नई दिल्लीः कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का उद्योग जगत ने स्वागत किया है. उद्योग मंडलों का कहना है कि इससे कोविड-19 महामारी और उसकी रोकथाम के लिए लागू पाबंदियों से प्रभावित अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में मदद मिलेगी और आर्थिक वृद्धि को नई गति मिलेगी. प्रधानमंत्री ने मंगलवार रात को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा की जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का 10 प्रतिशत है. Also Read - दिल्‍ली एम्स में अभी तक 195 स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, 2 की जान गई

वित्तीय पैकेज के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के हाल के निर्णय, रिजर्व बैंक की घोषणाओं को मिलाकर यह पैकेज करीब 20 लाख करोड़ रुपये का होगा जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 10 प्रतिशत है.’’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्दी ही इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगी. Also Read - अस्पताल प्रशासन की लापरवाही आई सामने, कूड़ेदान में मिले पीपीई किट का किया गया इस्तेमाल

उद्योग मंडल सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने जमीन, श्रम, नकदी और कानून को सरल बनाने के बारे में बात की, हम उसकी सराहना करते हैं. ये अर्थव्यवस्था के लिये प्रमुख चुनौती है. इन चार क्षेत्रों में सुधारों से संकट की इस घड़ी में आर्थिक वृद्धि को नई गति मिलेगी.’’ Also Read - एमपी में Home Quarantine के नियम तोड़े तो अब लगेगा 2000 रुपए का जुर्माना

फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी ने कहा कि पांच आधार… अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, व्यवस्था, जनसंख्या और मांग को मजबूत करने से भारत फिर से सतत वृद्धि के रास्ते पर आएगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब पैकेज की रूपरेखा की घोषणा करेंगी, गरीबों और जरूरतमंदों, एमएसएमई और उद्योग तथा आम लोगों की जरूरतों का समाधान होगा. भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिये जमीन, श्रम और नकदी पर जोर की जरूरत है.’’

एसोचैम और नारेडको के अध्यक्ष डा निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि यह पैकेज अर्थव्यवस्था को गति देगा. उन्होने कहा कि ‘यह सचमुच एक सराहनीय पैकेज है… इसकी प्रतीक्षा थी इससे अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा.’’

एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा, ‘‘भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिये पांच बुनियाद को मजबूत बनाने से हम एक भेरसेमंद वैश्विक ताकत बनेंगे…..’’

उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज के साथ कृषि, कराधान, बुनियादी ढांचा, मानव संसाधन और वित्तीय प्रणाली में सुधारों से निवेशक आकर्षित होंगे और मांग को बढ़ाने में मदद मिलेगी. मेक इन इंडिया निवेश आकर्षित करने के लिहाज से मुख्य उत्प्ररेक होगा….’’

पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डी के अग्रववाल ने कहा कि इस मौके पर प्रोत्साहन पैकेज समय की जरूरत है. इससे अर्थव्यवस्था के बुनियाद को मजबूती मिलेगी और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी.

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमाबइल मैनुफैक्चरर्स ने उम्मीद जतायी कि जब वित्त मंत्री पैकेज की बारीकियों की घोषणा करेंगी, देश के वाहन उद्योग की मदद के लिये एक केंद्रित पैकेज का ऐलान करेंगी.