नई दिल्लीः सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह भारतीय रिजर्ब बैंक (आरबीआई) के कामकाज से संतुष्ट है तथा हाल के वर्षो में इसका पर्यवेक्षण एवं विनियमन सुदृढ़ हुआ है. लोकसभा में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने यह बात कही. सदन में प्रसून बनर्जी के प्रश्न के लिखित उत्तर में जेटली ने कहा कि जनवरी 2018 की अंतरराष्ट्रीय मुद्र निधि राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्ब बैंक का पर्यवेक्षण और विनियमन सुदृढ़ है तथा हाल के वर्षो में इसमें सुधार हुआ है . Also Read - RBI Recruitment 2021: RBI में इन पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, आज से आवेदन प्रक्रिया शुरू, इस डायरेक्ट लिंक से करें अप्लाई 

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार आरबीआई के कामकाज से संतुष्ट नहीं है, वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ जी, नहीं .’’ मंत्री ने बताया कि आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड के गैर सरकारी निदेशकों को आरबीआई अधिनियम 1934 की धारा 8 के उपबंधों के अनुसार, नामित किया जाता है . Also Read - Budget 2021: जानिए- बजट की खास बातें, किस तरह से तैयार किया जाता है और क्या-क्या होता है शामिल

लोकसभा में पिनाकी मिश्रा के प्रश्न के लिखित उत्तर में जेटली ने कहा कि सरकारी क्षेत्र के बैंकों के पूर्णकालिक निदेशकों और वरिष्ठ प्रबंधकों के द्वारा दी गई सिफारिशों के आधार पर सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बोर्डो के अनुमोदन के अनुसार समुचित कार्रवाई के लिये एक सुधार एजेंडा भेजा गया था . Also Read - Labor Laws In India: कर्मचारियों की EL बढ़ाकर 300 करने और PF के मामले में केंद्र सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

उन्होंने बताया कि इस एजेंडा में अन्य बातों के साथ साथ प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता तथा व्यवहार्यता के आधार पर लागत को कम करने एवं विदेशी बाजारों में समन्वय हेतु विदेशी परिचालनों को युक्तिसंगत बनाना एवं बैंक की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का लाभ उठाने हेतु अलग अलग बैंकिंग कार्य नीति शामिल है . इसमें सुदृढ़ क्षेत्रीय सम्पर्क के लिये शाखा नेटवर्क के युक्तिकरण को शामिल किया जा सकता है.