नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि डॉलर के मुकाबले रुपए की कम होती कीमत के लिए ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है. इसके लिए वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं. बुधवार शाम केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए जेटली ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना एक खुली योजना के रूप में आगे भी जारी रहेगी. Also Read - वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया, देश का पीएम कैसा हो, कैसी बने सरकार

वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि डॉलर की तुलना में रुपए की कीमत में गिरावट के लिए घरेलू कारण जिम्मेदार नहीं हैं. इसकी जड़ में वैश्विक कारण हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया हालात पर लगातार नजर रख रहा है और जरूरी कदम भी उठा रहा है. उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास जताते हुए आगे जोड़ा कि हम दुनिया की सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था हैं. हमें ऐसी हालत में तात्कालिक प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए. Also Read - राहत की खबरः सरकार ने 33 वस्तुओं पर घटाई GST की दर, सिनेमा के टिकट भी हो जाएंगे सस्ते

जेटली ने बताया कि डॉलर दुनिया की अन्य सभी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है. रुपए की कीमत या तो बढ़ी है या एक निश्चित रेंज में बनी रही है. चार-पांच साल पहले की हालत से तुलना करें तो दुनिया की दूसरी मुद्राओं के मुकाबले रुपए की हालत बेहतर है. इसका मतलब है कि रुपया कमजोर नहीं हुआ, डॉलर मजबूत हुआ है.

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना एक खुली योजना की तरह जारी रखी जाएगी. जन-धन खातों में ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी पांच हजार रुपये से बढ़ाकर दस हजार रुपये की जाएगी. उन्होंने बताया कि जन-धन योजना के अंतर्गत 32.41 करोड़ खाते खोले गए. यह दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल इनक्लूजन स्कीम है. इसके अंतर्गत खोले गए 53 फीसदी खाते महिलाओं के हैं जबकि 59 फीसदी खाते ग्रामीण या अर्द्धग्रामीण क्षेत्रों के हैं. 83 फीसदी खाते आधार से जुड़े हुए हैं और 24.4 खाताधारकों के पास रूपे कार्ड भी है.

इससे पहले रुपये में गिरावट लगातार छठे दिन भी जारी रही. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और उभरती अर्थव्यवस्था वाले बाजारों में कमजोरी के रुख के कारण बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे की एक और बड़ी गिरावट के साथ 71.75 के नये सर्वकालिक निम्न स्तर पर बंद हुआ.

दिन के कारोबार के दौरान रुपया 71.97 रुपये के ऐतिहासिक निम्न स्तर तक लुढ़क गया था जहां कारोबार के अंत की ओर उसे कुछ राहत मिलती दिखाई दी. विगत छह कारोबारी सत्रों के दौरान रुपये में 165 पैसे की गिरावट आई है.

अन्तरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 71.40 रुपये पर मजबूत खुला और दोपहर से पहले 71.37 रुपये तक और मजबूत हो गया था. बाद में 71.97 रुपये के ताजा रिकॉर्ड निम्न स्तर को छूने के बाद अंत में 17 पैसे अथवा 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.75 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ.