Nirmala Sitharaman on India’s GDP: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अर्थव्यवस्था में अब सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में गिरावट होगी या फिर शून्य के करीब रहेगी. उन्होंने कहा कि 2020-21 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की जबर्दस्त गिरावट आई है, जिससे पूरे वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी की वृद्धि दर नकारात्मक या शून्य के करीब रहेगी.Also Read - Budget 2022: नौकरी और इनकम को बढ़ाये जाने वाले कारकों पर लगी हुई हैं सबकी निगाहें

सेरा वीक के भारत ऊर्जा मंच को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की वजह से 25 मार्च से सख्त ‘लॉकडाउन’ लगाया था क्योंकि लोगों के जीवन को बचाना ज्यादा जरूरी था. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से ही हम महामारी से निपटने के लिए तैयारियां कर सके. वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को खोले जाने के साथ वृहद आर्थिक संकेतकों में सुधार दिखाई दे रहा है. Also Read - Budget 2022: केंद्रीय बजट की रोचक बातें, जो आपको जानना है जरूरी!

सीतारमण ने कहा कि त्योहारी सीजन से अर्थव्यवस्था को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है. ‘‘इससे चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में वृद्धि दर सकारात्मक रहने की उम्मीद है.’’ उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 2020-21 में जीडीपी की वृद्धि दर नकारात्मक या शून्य के करीब रहेगी. वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष से वृद्धि दर में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि सरकार का जोर सार्वजनिक खर्च के जरिये आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर है. Also Read - Budget 2022: कुछ मौजूदा कर छूटों को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने के लिए रोडमैप की हो सकती है घोषणा

(इनपुट भाषा)