कोलकाता: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने देश को 2024-25 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिये बजट में उपभोग बढ़ाने की जमीन तैयार करने के साथ-साथ ढांचागत सुविधाओं के विकास में सरकारी निवेश की सुनिश्चित व्यवस्था की है.

वित्त मंत्री ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में दरों के स्थायित्व की आवश्यकता पर भी बल दिया. दरों में हर तीन महीने के बजाय साल में केवल एक बार संशोधन किए की वकालत की. सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने उपभोग बढ़ाने तथा पूंजीगत खर्च सुनिश्चित करने की आधारशिला रख दी है. सरकार का निवेश बुनियादी संरचना में निर्माण में लगेगा, जिसका अल्पावधि और दीर्घावधि दोनों में असर होगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्र की दिक्कतों को दूर करने के लिये बजट में 16 सूत्रीय कार्ययोजना की घोषणा की गयी है. अत: मेरा अनुमान है कि ये कदम देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर आगे ले जाएंगे.’’

यह पूछे जाने पर कि बजट में पश्चिम बंगाल को क्या मिला, वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं नहीं जानती हूं कि किसको क्या मिला के सवाल का किस तरह से जवाब दूं. मैं वृहद आर्थिक स्थिरता और देश में संपत्ति सृजन के दृष्टिकोण से देख रही हूं. कर की घटी दरों से लोगों के हाथों में अधिक पैसा पहुंच रहा है.’’

उन्होंने कहा कि बजट में जिन परियोजनाओं को लेकर घोषणाएं की गयी हैं, वे परियोजनाएं विभिन्न राज्यों में चल रही हैं.