वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए वित्त मंत्रालय की बैंक प्रमुखों के साथ बैठक कल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल सितंबर में पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को बिना किसी गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर कर्ज सहायता दी जाती है.

Published date india.com Published: June 24, 2024 2:35 PM IST
email india.com By Manoj Yadav email india.com | Edited by Manoj Yadav email india.com
वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए वित्त मंत्रालय की बैंक प्रमुखों के साथ बैठक कल

वित्त मंत्रालय ने पीएम विश्वकर्मा, जन सुरक्षा और मुद्रा योजना सहित विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSB) प्रमुखों की बैठक बुलाई है. बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पीएम विश्वकर्मा, स्टैंडअप इंडिया, पीएम स्वनिधि और अन्य कई प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इसके अलावा बैठक में वित्तीय समावेशन से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल सितंबर में पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को बिना किसी गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर कर्ज सहायता दी जाती है. पांच साल की अवधि के लिए 13,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ शुरू की गई इस योजना से बुनकर, सुनार, लोहार, कपड़े धोने वाले श्रमिक और नाई सहित पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लगभग 30 लाख परिवारों को लाभ होगा.

सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा पीएम जनधन योजना के लक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी. सूत्रों ने कहा कि पीएमजेडीवाई के तहत निष्क्रिय खातों और रुपे कार्ड जारी करने की स्थिति की समीक्षा की जाएगी.

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) 18-50 वर्ष की आयु वर्ग के उन लोगों को, जिनके पास बैंक या डाकघर खाता है, किसी भी कारण से मृत्यु होने पर दो लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करती है.

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) 18-70 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को दुर्घटना मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता के लिए दो लाख रुपये और आंशिक स्थायी विकलांगता के लिए एक लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करती है.

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जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बैंकों ने सात साल में स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत 1.80 लाख से अधिक लाभार्थियों को 40,700 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है. स्टैंडअप इंडिया योजना पांच अप्रैल, 2016 को शुरू की गई थी. इस योजना को अब बढ़ाकर 2025 तक कर दिया गया है.

सरकार ने पिछले साल प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (PM Swanidhi) योजना को दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने की मंजूरी दी थी. यह योजना जून, 2020 में शुरू की गई थी.

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