FD, EPF, PPF या गोल्ड... टेंशन फ्री रिटायरमेंट लाइफ चाहिए तो कौन सी स्कीम में इंवेस्ट करना फायदेमंद, इस कैल्कुलेशन से खुद करें तय

रिटायरमेंट के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट, एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF), पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) अच्छे ऑप्शन हैं. अब गोल्ड इंवेस्टमेंट में भी लोग दिलचस्पी ले रहे हैं. आइए समझते रिटायरमेंट फंड के लिहाज से इनमें से कौन सी स्कीम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है? किसमें टैक्स की ज्यादा बचत होगी?

Written by: Anjali Karmakar
Published: January 8, 2026, 10:05 PM IST

नौकरी करते हुए हर किसी को अपने रिटायरमेंट लाइफ की फिक्र होती है. हर कोई जिंदगी भर नौकरी नहीं करना चाहता. इसलिए एक समझदार इंसान रोजगार या सैलरी से परिवार की जिम्मेदारियां, खुद के खर्चे, रेंट या EMI, राशन, यूटीलिटीज बिल चुकाने के बाद भविष्य के लिए पैसे बचाता है. फिर इन पैसों को किसी अच्छी स्कीम में इंवेस्ट करता है. ताकि, रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी गुजारने के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने या मदद मांगने की नौबत न आए.

मार्केट में रिटायरमेंट के लिए निवेश के तमाम ऑप्शन मौजूद हैं. ऐसे में सही स्कीम चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. रिटायरमेंट के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट, एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF), पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) अच्छे ऑप्शन हैं. अब गोल्ड इंवेस्टमेंट में भी लोग दिलचस्पी ले रहे हैं. आइए समझते रिटायरमेंट फंड के लिहाज से इनमें से कौन सी स्कीम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है? किसमें टैक्स की ज्यादा बचत होगी?

EPF क्या है?
EPF का मतलब है कर्मचारी भविष्य निधि. ये स्कीम उन कंपनियों में लागू होती है, जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. आमतौर पर प्राइवेट एम्प्लॉयी के लिए EPF स्कीम होता है. इस स्कीम के तहत एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी का 12% हर महीने PF अकाउंट में डाला जाता है. इतना ही हिस्सा एम्प्लॉयर की तरफ से भी कॉन्ट्रिब्यूट किया जाता है. 58 साल के बाद इस अकाउंट से पैसे निकाले जा सकते हैं. हालांकि, EPFO खास परिस्थितियों में शर्तों और लिमिट के साथ पैसे निकालने की परमिशन देती है. अभी EPF पर 8.25% का ब्याज मिल रहा है.

PPF क्या है?
अगर आप टैक्स में छूट और रिटर्न वाले निवेश की तलाश में हैं, तो पब्लिक प्रॉडिडेंट फंड यानी PPF में निवेश बहुत अच्छा ऑप्शन हो सकता है. PPF में निवेश EEE की कैटेगिरी में आता है. इस स्कीम में आपको इनकम टैक्स में छूट का पूरा फायदा मिलता है.मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी कोई टैक्स नहीं देना होता. PPF अकाउंट में सरकार आपको सिक्योरिटी की गारंटी देती है. PPF अकाउंट पर इस समय 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है. यानी इसमें इंवेस्ट करके आप एक तरह अपना मोटा टैक्स बचा सकते हैं.

फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है?
जब भी हमारे पास एकमुश्त या ज्यादा पैसा आता है और हम इसे सेव करना चाहते हैं, तो पहला ख्याल हमारे मन में FD का ही आता है. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करना अब भी भारतीयों के लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका है. इस स्कीम के तहत आप अपना पैसा एक निश्चित समय के लिए बैंक में फिक्स्ड करके रखते हैं. इसपर आपको इंटरेस्ट मिलता है. आपको कम से कम 5 साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट करानी चाहिए. 5 साल के लॉक-इन पीरिएड से आपको अच्छा-खासा रिटर्न मिलेगा. वहीं, FD में 5 साल के लिए निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स में छूट भी मिलती है. आपको अपने डिपॉजिट और इंटरेस्ट पर कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ता.

गोल्ड इंवेस्टमेंट क्या है?
गोल्ड इन्वेस्टमेंट का मतलब सोने को एक वित्तीय संपत्ति के रूप में खरीदना और रखना होता है. इसमें फिजिकल गोल्ड (गहने, सिक्के, बार), गोल्ड ETF (स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले), सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड फंड जैसे कई तरीके शामिल हैं.

रिटर्न का कैल्कुलेशन

मान लेते हैं कि मिस्टर A हर महीने 10,000 रुपये जमा करते हैं. ऐसे में हम 10 से 15 साल के बेसिस पर इन सभी इंवेस्टमेंट ऑप्शन के रिटर्न का कैल्कुलेशन करेंगे:-

  • PPF में निवेश की अवधि 15 साल है. इसमें अगर 10 हजार रुपये हर महीने इंवेस्ट किया, तो साल में 1,20,000 रुपये होगा. 7.1% इंटरेस्ट के हिसाब से 15 साल में 31,39,919 रुपये का मैच्योरिटी अमाउंट बनेगा. इसमें करीब 18 लाख रुपये आपका निवेश होगा और 13.4 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे.
  • अब EPF की बात करते हैं. EPF में अगर हर महीने 10 हजार का कॉन्ट्रिब्यूशन होता है. तो साल में 1 लाख 20 हजार हुआ. 8.5% ब्याज के साथ कॉन्ट्रिब्यूशन 18,00,000 रुपये हो जाएगा. 15 साल बाद मैच्योरिटी अमाउंट करीब 34,12,219 रुपये हो जाएगा.
  • अब फिक्स्ड डिपॉजिट का कैल्कुलेशन समझिए. 10 लाख रुपये के FD पर 15 साल में कितना रिटर्न मिलेगा, यह ब्याज दर पर निर्भर करता है. मान लें कि ब्याज दर 7% प्रति वर्ष है. इस मामले में 15 साल बाद आपको लगभग 29,21,000 रुपये मिलेंगे. इसमें 19,21,000 रुपये ब्याज का पैसा होगा.
  • वहीं, 10 लाख रुपये का 15 साल में गोल्ड इंवेस्टमेंट पर कितना रिटर्न मिलेगा, यह सोने की कीमतों में बदलाव पर निर्भर करता है. अगर पिछले ट्रेंड को देखें, तो सोने ने 8-9% सालाना रिटर्न दिया है.
  • ऐसे में एक अनुमान के मुताबिक, 10 लाख रुपये का गोल्ड इंवेस्टमेंट 15 साल में लगभग 21-22 लाख रुपये हो सकता है. हालांकि, यह ध्यान रखें कि सोने की कीमतें उतार-चढ़ाव वाली होती हैं, इसलिए यह अनुमान बदल सकता है.

निवेश के लिहाज से कौन बेहतर?
अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपके लिए NPS या UPS अनिवार्य और सुरक्षित ऑप्शन है. लेकिन अगर आप प्राइवेट सेक्टर में हैं और लॉन्ग टर्म में टैक्स-फ्री और रिस्क फ्री निवेश चाहते हैं, तो PPF सबसे अच्छा ऑप्शन है. चूंकि प्राइवेट सेक्टर के एम्प्लॉयी होने के नाते आपका EPF अकाउंट भी जरूर होगा. ऐसे में आप चाहे तो दोनों ऑप्शन चुन सकते हैं. मार्केट लिंक्ड होने के कारण PPF में आपको सबसे ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना है. गोल्ड इंवेस्टमेंट एक सेफ इंवेस्टमेंट जरूर है, लेकिन PPF में आपको गोल्ड से ज्यादा मुनाफा मिलने की संभावना है.

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