Stimulus Package to boost the Economy: केंद्र सरकार ने गुरुवार को आत्मनिर्भर भारत 3.0 के जरिए अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई तरह के उपायों का ऐलान किया. इसमें रियल एस्टेट के लिए भी बड़ा ऐलान किया गया. रियल एस्टेट उद्योग का मानना है कि खासकर इनकम टैक्स नियमों में राहत के कदम से फ्लैट की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है. इंडस्ट्री ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. Also Read - Real Estate Sector News: 15 साल में पहली बार अपनी शर्तों पर घर खरीद रहे हैं लोग, रियल एस्‍टेट सेक्‍टर के लिए मुश्किल रहेगा यह साल: क्रिसिल

रियल एस्टेट उद्योग का मानना है कि इनकम टैक्स के नियमों में राहत के बाद नकदी संकट का सामना कर रही कंपनियां बिना बिके मकानों को निकालने के लिये कीमतें कम कर सकती हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पूरे उद्योग में मकान के दाम कम होने की संभावना कम है, क्योंकि कंपनियां पहले से बहुत कम लाभ पर काम कर रही हैं. Also Read - 15th Pay Commission Report: 15वें वित्त आयोग ने वित्त मंत्री को सौंपी रिपोर्ट, संसद में होगी पेश

सरकार का मकसद बिल्डरों को बिना बिके मकानों को निकालने में मदद करना है. ऐसे खाली पड़े मकानों की संख्या 7-8 शहरों में करीब सात लाख है. रीयल एस्टेट कंपनियों के संघों के परिसंघ क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे शाह ने कहा, ”हमें नहीं लगता कि कुल मिलाकर इससे मकानों के दाम कम होंगे. कीमतें पहले से कम हैं और मार्जिन भी कम है. लेकिन जो कंपनियां नकदी समस्याओं का सामना कर रही हैं, वे आयकर राहत मिलने से कीमतें कम कर खाली पड़े मकानों को निकाल सकती हैं.” Also Read - PF के अंशदान पर बड़ा फैसला, अगले 2 साल तक भारत सरकार उठाएगी खर्च, इन्हें मिलेगा लाभ

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण कुछ क्षेत्रों में कीमतें सर्किल रेट से पहले ही नीचे जा चुकी है. रियल्टी उद्यमियों के संगठन क्रेडाई और नारेडको ने इससे पहले कहा था कि मौजूदा आयकर नियमों के कारण बिल्डर अपने फ्लैटों के दाम कम नहीं कर पा रहे हैं. कई केन्द्रीय मंत्रियों ने बिल्डरों को बिक्री बढ़ाने के लिये दाम घटाने की सलाह दी थी. बहरहाल, नारेडको और एसोचैम के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने सरकार के राहत उपायों का स्वागत किया है.

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिये 18,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय का भी स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है. एनरॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ”सर्कल रेट और सौदा मूल्य के बीच अंतर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना अच्छा कदम है. इससे कंपनियों और मकान खरीदारों को लाभ होगा.”

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़े ऐलान किए. सरकार ने आयकर नियमों में ढील देते हुये 2 करोड़ रुपये तक की आवासीय इकाइयों की प्राथमिक अथवा पहली बार बिक्री सर्कल दर से 20 फीसदी तक दाम कम करने की अनुमति दी है. आवासीय रीयल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए स्टाम्प शुल्क सर्किल दर मूल्य से 20 फीसदी कम पर यह बिक्री हो सकेगी. वर्तमान में यह अंतर 10 फीसदी तक रखने की अनुमति है. सरकार द्वारा दी गई नई छूट जून 2021 तक लागू रहेगी.

(With Agency Inputs)