Forbes List 2021: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. गोरखपुर निवासी 29 वर्षीय श्रीती पांडे (Sriti Pandey) को अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका फोर्ब्स (Forbes magazine) ने एशिया के टॉप 30 मेधावी व्यक्तित्व में शामिल किया है. 30 साल से कम उम्र की श्रेणी में श्रीती को इंडस्ट्री, मैन्यूफैक्चरिंग एवं पावर क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए यह सम्मान मिला है.Also Read - गोरखनाथ मंदिर अटैक: मुर्तजा का ISISI कनेक्‍शन, लाखों रुपए और हथियार तकनीकी आतंकी संगठन को भेजी थी

फोर्ब्स एक प्रमुख अमेरिकी व्यापार पत्रिका है, जो व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, उद्यमशीलता, नेतृत्व और जीवनशैली पर केंद्रित है. Also Read - DNA with Sudhir Chaudhary: गोरखपुर मंदिर में हुए हमले के आरोपी का वीडियो हुआ वायरल, योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में 72 CRPF जवान तैनात - Watch

फोर्ब्स पत्रिका ने मंगलवार को ई-मेल के माध्यम से श्रीति को इस सम्मान से नवाजे जाने को लेकर सूचित किया था. Also Read - गोरखपुर हमले के आरोपी मुर्तजा का ISIS Connection? एक वीडियो देखकर हरकत में आई जांच एजेंसियां

उनके पिता एम. एन. पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी बेटी स्ट्रॉक्च र इको की संस्थापक और सीईओ है, जो गोरखपुर में पंजीकृत है और उसका दिल्ली में कार्यालय है.

उद्यम कृषि-अपशिष्ट से बने पैनल बनाता है, जो पर्यावरण के अनुकूल, कम लागत, टिकाऊ और गैर विषैले होते हैं. घर के निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल बोडरें का उपयोग किया जाता है

स्ट्रॉक्चर ईको कार्बन नेगेटिव उत्पादों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध पहली मेक इन इंडिया कंपनियों में से एक है.

श्रीती को यह उपलब्धि उनके उस शोध के लिए मिली है, जिसमें उन्होंने गेहूं के डंठल व भूसे के बने पैनल से कम लागत में टिकाऊ मकान तैयार कर दुनिया को चकित किया है. उनके इनोवेटिव विचार ने देश में वायु प्रदूषण को कम करने के साथ ही पराली जलाए जाने की समस्या के खात्मे की ओर एक कदम बढ़ाया है. उनके इको-फ्रेंडली हाउसिंग मॉडल ने सभी को आकर्षित किया है.

इस पर श्रीती ने कहा, “यह मेरे लिए एक वास्तविक आश्चर्य रहा, जब मुझे एशिया के लिए फोर्ब्स की अंडर-30 सूची में मेरे चयन के संबंध में एक ईमेल प्राप्त हुआ. हम संकुचित कृषि फाइबर के साथ पर्यावरण के अनुकूल बोर्ड बनाते हैं, जो घर के निर्माण और फर्नीचर बनाने में उपयोग किए जाते हैं. बोर्ड ध्वनिक, थर्मल, दीमक और नमी प्रतिरोधी हैं.”

श्रीती ने अपनी स्कूली शिक्षा गोरखपुर और दिल्ली से की है. इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से निर्माण प्रबंधन में स्नातकोत्तर किया है.

इसके बाद वह भारत लौट आई और 2018 में स्ट्रॉक्च र इको की स्थापना की.

उसने पहले एसबीआई युवा फैलोशिप जीता था और उन्होंने मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में काम किया था. 2018 में आईआईएम लखनऊ में यूपी स्टार्टअप कॉन्क्लेव के दौरान, उनके नवीन विचार का उत्तर प्रदेश सरकार ने भी लोहा माना और उनकी परियोजना को स्वीकार कर लिया गया.

यूएन ने भी 2019 में उनके काम की सराहना की थी और उन्हें सम्मानित किया था, क्योंकि उनकी तकनीक का उद्देश्य औद्योगिक और वाणिज्यिक निमार्णों के लिए कृषि अपशिष्ट को कृषि फाइबर पैनलों में कंप्रैस करके प्रदूषण को कम करना है.

उनके पास लगभग एक दर्जन कर्मचारी काम करते हैं और वे अपने व्यवसाय में और अधिक महिलाओं को लाना चाहती हैं.

(IANS)