क्यूबेक: कनाडा के क्यूबेक सिटी में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के अंत तक सदस्य देशों के बीच भारी मतभेद सामने आ गए. सदस्य देशों के मतभेद ही इसके अस्तित्व पर सवालिया निशान खड़ा कर गए. सम्मेलन के मेजबान देश कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो से बयान से नाराज होकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड समिट बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए, तो वहीं जर्मनी की चांसलर एंजला मार्केल ने ग्रुप 7 के जारी संयुक्त बयान को समर्थन नहीं देने पर यूएसी प्रेसिडेंट ट्रंप के रुख की आलोचना की.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जी7 देशों की चर्चा को गप-शप करार दे दिया. इस ग्रुप में शामिल देश दुनिया की 50 फीसदी जीडीपी रखते हैं और अगर संगठन के उदृदेश्यों के आसपास भी ये देश सहमति नहीं बना पाते हैं तो वाकई में इसके अस्तित्व का ही सवाल खड़ा हो गया. कनाडा के क्यूबेक सिटी में आयोजित सम्मेलन में सदस्य देशों के बेसुरे बयान सामने आए…

ग्रुप7 के सदस्य देश:– कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका
– यूरोपियन काउंसिल और यूरोपियन कमीशन दोनों ही जी7 समिट में प्रतिनिधित्व करते हैं

जी7 पर ट्रंप का ट्वीट निराशाजनक है: मार्केल
जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने सोमवार को कहा कि जी7 सम्मेलन में शामिल अन्य देश के नेताओं की ओर से जारी संयुक्त आधिकारिक बयान को समर्थन नहीं देने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्वीट निराशाजनक है और इस पर गंभीरता से सोचे जाने की जरूरत है. मर्केल ने एआरडी टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, ” यह कठिन है. यह निराशाजनक है, लेकिन यह अंत नहीं है.”

गुस्से और आवेश से अंतरराष्ट्रीय सहयोग नहीं चल सकता: फ्रांस
जी7 संयुक्त बयान को अचानक अमेरिका की ओर से बाधित करने के बाद फ्रांस ने रविवार को आगाह किया कि गुस्से और आवेश से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अपनी मन – मर्जी के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता. फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमेनुएल मैक्रों ने एक बयान में कहा, ”गुस्से और आवेश और बेकार की टिप्पणियों से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अपनी मन – मर्जी के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता. बयान में सहमत वचनबद्धताओं से मुकरना असंबद्धता और असंगति दिखाता है.

रूस को शामिल करने का ट्रंप का आग्रह खारिज
यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने रूस को दोबारा जी-8 में शामिल करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली के नए पीएमी जुसेप कोंटे के आग्रह को 8 जून को खारिज कर दिया. टस्क ने जी7 सम्मेलन शुरू होने से कुछ देर पहले कहा, ”इसे सात ही रहने दीजिए, यह एक शुभ संख्या है.” आठ औद्योगिक देशों के समूह जी-8 से मॉस्को को 2014 में निलंबित किए जाने के बाद यह सात देशों का समूह जी-7 बन गया है. ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि रूस को जी-8 में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए.

रूस को जी-8 से से किया गया था निलंबित
– रूस को 2014 में क्रीमिया पर कब्जा करने की वजह से जी-8 से निलंबित कर दिया गया था
– रूसी बहुसंख्यक आबादी वाला क्षेत्र क्रीमिया 1954 में यूक्रेन का हिस्सा बना था।

ट्रंप ने रूस को शामिल करने की मांग की थी
अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने जी-7 सम्मेलन के लिए प्रस्थान करने से तुरंत पहले व्हाइट हाउस में कहा, “मैं रूस का अबतक का सबसे बुरा दु:स्वप्न हूं..लेकिन ऐसा होने के बावजूद रूस को बैठक में शामिल होना चाहिए. रूस के बैठक में शामिल हुए बिना हम बैठक क्यों कर रहे हैं? आप चाहे इसे पसंद करे या नहीं और हो सकता है कि यह राजनीतिक रूप से सही न हो, लेकिन हमें एक दुनिया चलानी है और रूस को वार्ता की मेज पर होना चाहिए.”

इटली भी था रूस के समर्थन में
इटली के नए प्रधानमंत्री जुसेप कोंटे ने भी यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए ट्वीट किया था, ”मैं राष्ट्रपति ट्रंप से सहमत हूं. रूस को जी-8 में लौटना चाहिए. यह सभी के हित में होगा.”

कनाडा के पीएम के साथ तनाव, बीच में समिट छोड़ गए ट्रंप
बीते 9 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा के साथ नाफ्टा के मुद्दे पर तनाव के चलते बीच में ही जी7 सम्मलेन छोड़ कर सिंगापुर रवाना हो गए थे. कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो और यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच तनाव दिखा. ट्रंप ने धमकी दी कि अमेरिका उन देशों के साथ व्यापार बंद कर देगा, जो उसके निर्यात पर सीमा शुल्क लगाते हैं. वहीं, कनाडाई पीएम ने जस्टिन ट्रूडो ने कहा, “मैंने राष्ट्रपति से यह स्पष्ट कर दिया है कि हम (जवाब में सीमा शुल्क लागू करना) ऐसा कुछ करना पसंद नहीं करते, लेकिन यह कुछ ऐसा है जिसे हम निश्चित रूप से करेंगे. कनाडाई विनम्र और विवेकशील होते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि उन्हें पीछे कर दिया जाए.”

पुतिन ने जी 7 की आलोचना को कहा गप-शप
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ग्रुप सात के देशों की आलोचना को रचनात्मक गप – शप करार देकर खारिज कर दिया और कहा कि यह फिर से सहयोग शुरू करने का वक्त है. चीनी शहर चिंगदाओ में जब पुतिन से जी 7 के संयुक्त बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”मेरा मानना है कि रचनात्मक गप – शप बंद करने और असल सहयोग से जुड़े ठोस मुद्दों की ओर बढ़ने की जरुरत है.”

जी7 देशों के बीच मनमुटाव से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में अस्थिरता झलकती है : फिनलैंड
फिनलैंड के प्रधानमंत्री जूहा सिपिला ने 10 हेल्सिंकी में कहा कि कनाडा के क्यूबेक में शिखर सम्मेलन में जी7 सदस्य देशों के बीच मनमुटाव इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में अस्थिरता को दर्शाता है. सिपिला ने कहा कि यह स्थिति अनिश्चितताओं की श्रृंखला की एक कड़ी है. यह विश्व और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पुनर्गठित हो रहा है. अनिश्चितता बढ़ने की वजह से यह विकास उतना बेहतर नहीं है.” उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन के बाद इसे जल्द ही सुलझाया जाएगा. बता दें कि ट्रंप ने रविवार को कहा था कि उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधियों से क्यूबेक में जी7 सम्मेलन के अंत में जारी संयुक्त बयान की पुष्टि नहीं करने के निर्देश दिए हैं. (इनपुट- एजेंसी)