नई द‍िल्‍ली:  पब्लिक सेक्‍टर बैंक यानी PSB में हर चार घंटे में एक बैंक कर्मचारी फ्रॉड करता पकड़ा जाता है. ये बात RBI की रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट में 1 जनवरी 2015 से 31 मार्च 2017 के आंकड़े बताए गए हैं. रिपोर्ट के मुता‍बिक, इस समयावधि में 5200 अफसर फ्रॉड केस में पकड़े गए हैैं. Also Read - Maharashtra Bank News: RBI ने एक और बैंक का लाइसेंस किया रद्द, पैसे निकालने की सीमा पांच लाख तय

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टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार, RBI के डॉक्‍यूमेंट में बताया गया है कि इस दौरान पकड़े गए कर्मचारियों को सजा दी गई, उन पर जुर्माना लगाया गया और उन्‍हें सेवाओं से निलंबित तक किया गया. Also Read - Bajaj Finance पर चला RBI का चाबुक, लगाई 2.5 करोड़ की पेनाल्टी; जानिए - जुर्माना लगाने की वजह

रिपोर्ट के मुताबिक, स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया के 1,538 कर्मचारियों पर इस दौरान फ्रॉड के लिए एक्‍शन लिए गए. ये संख्‍या किसी भी बैंक के मुकाबले सबसे ज्‍यादा रही.

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इस लिस्‍ट में SBI के बाद इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का नंबर था. इंडियन ओवरसीज बैंक के 449 तो वहीं सेंट्रल बैंक के ऐसे 406 केस सामने आए. जहां तक पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB की बात तो इस दौरान ऐसे 184 अधिकारी पकड़े गए.

अब RBI ने इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए बैंकों को सर्कुलर जारी किया है और बताया है कि किस तरह इन मामलों में इजाफा हो रहा है. बता दें कि रिपोर्ट में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि इन मामलों के कारण बैंकों को क‍ितना नुकसान हुआ है.

हालांकि आरबीआई द्वारा अलग से जारी आंकड़ों के अध्ययन पर पता चलता है कि 01 अप्रैल 2013 से 31 दिसंबर 2016 के बीच 17,504 धोखाधड़ी के मामलेे सामने आए. इनके कारण बैंकों को 66,066 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. बता दें क‍ि फ्रॉजरी के ये मामले सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों के हैं.

गौरतलब है क‍ि हीरा व्यवसायी नीरव मोदी के बाद अब एक और कारोबारी विक्रम कोठारी द्वारा व‍िभिन्न बैंकों को 800 करोड़ रुपए का चूना लगाने की खबर है. कोठारी रोटोमैक पेन कंपनी के प्रवर्तक हैं. सूत्रों के मुताबिक कोठारी पर इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सार्वजनिक बैंकों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.