Future Reliance Deal: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) और रिलायंस के बीच 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को यथास्थिति में बनाए रखने के एकल न्यायाधीश की खंडपीठ के आदेश पर रोक लगा दी है.Also Read - Supreme Court का आदेश- ट्विन-टावर में घर खरीदारों को ब्याज सहित रकम वापस करे सुपरटेक, समय सीमा 28 फरवरी तक

मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने उल्लेख किया कि वैधानिक निकायों को सौदे के संबंध में कानून के अनुसार आगे बढ़ने से रोका नहीं जा सकता है. पीठ ने यह भी कहा कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड आर्ब्रिटेशन (मध्यस्थता) समझौते को लेकर पार्टी नहीं है. Also Read - Bihar Liquor Ban News: कोर्ट की फटकार के बाद शराबबंदी कानून बदलेगी नीतीश सरकार, जानिए क्या होगा बदलाव

अदालत ने इस अवलोकन को केवल प्रथम दृष्टया बताया है. पिछले हफ्ते, फ्यूचर रिटेल लिमिटेड ने न्यायाधीश जे. आर. मिड्ढा की ओर से दिए गए यथास्थिति के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए डिवीजन बेंच से गुहार लगाई. Also Read - Supreme Court का अहम फैसला-पिता के हिस्से की संपत्ति पर है बेटी का भी पूरा हक, जानिए क्या कहा कोर्ट ने...

दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट में एकल न्यायाधीश ने पिछले सप्ताह के अपने आदेश में एफआरएल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा था.

24,713 करोड़ रुपये के सौदे में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस को अपनी खुदरा, थोक, रसद और वेयरहाउसिंग इकाइयों को बेचने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेजन ने फ्यूचर ग्रुप को सिंगापुर इंटरनेशनल आर्ब्रिटेशन सेंटर में मध्यस्थता के लिए बुलाया.

अमेजन के अनुसार, फ्यूचर रिटेल लिमिटेड ने रिलायंस के साथ करार करके अनुबंध का उल्लंघन किया है. अमेजन को राहत देते हुए, न्यायाधीश मिड्ढा ने दो फरवरी को फ्यूचर रिटेल को रिलायंस के साथ अपने सौदे के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था.

(IANS)