नई दिल्ली: कृषि और विनिर्माण क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन की बदौलत देश की आर्थिक वृद्धि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 8.2 प्रतिशत की तेज रफ्तार के साथ बढ़ी है. इसके साथ ही भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुये दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था का तमगा बरकरार रखा है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई. एक साल पहले इसी अवधि में यह वृद्धि 5.6 प्रतिशत थी. केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 2011-12 के स्थिर मूल्यों के आधार पर पहली तिमाही में जीडीपी का आंकड़ा 33.74 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो कि 2017- 18 की इसी अवधि में 31.18 लाख करोड़ रुपये रही थी. यह वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही. इससे पहले किसी तिमाही में इससे अधिक वृद्धि दर 2015- 16 की जनवरी- मार्च तिमाही में 9.3 प्रतिशत दर्ज की गई थी.

चीन की अर्थव्यवस्था में अप्रैल से जून की अवधि में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के हिसाब से पहली तिमाही में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. एक साल पहले इसी अवधि में यह 5.6 प्रतिशत रहा था. सीएसओ के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में 13.5 प्रतिशत वृद्धि रही. हालांकि, एक साल पहले इसी अवधि में इस क्षेत्र में 1.8 प्रतिशत गिरावट आई थी.

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वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इन आंकड़ों पर ट्वीट जारी कर कहा कि आर्थिक वृद्धि के आंकड़े नये भारत की संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. ‘‘सुधारों और राजकोषीय अनुशासन का बेहतर परिणाम मिला है. भारत नव मध्यम वर्ग के विस्तार को देख रहा है.’’

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नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने ट्वीट में कहा, ‘‘जीडीपी के 8.2 प्रतिशत पर पिछली नौ तिमाहियों के उच्चस्तर पर पहुंचने का बहुत अच्छा समाचार है.’’ वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि आर्थिक स्थिति में सुधार की यह उल्लेखनीय गति है. पिछली चार तिमाहियों में पहले 6.3 प्रतिशत, फिर सात प्रतिशत, 7.7 प्रतिशत और अब 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हासिल होना अपने आप में उल्लेखनीय है.

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सीएसओ आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि 13.5 प्रतिशत रही जबकि कृषि, वानिकी और मछली पालन क्षेत्र में 5.3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. बिजली, गैस, जलापूर्ति में 7.3 प्रतिशत और निर्माण क्षेत्र में इस दौरान 8.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई.