नई दिल्ली: देश का निर्यात दिसंबर महीने में 1.8 प्रतिशत घटकर 27.36 अरब डॉलर पर आ गया. यह लगातार पांचवां महीना है जब निर्यात में गिरावट आई है. प्लास्टिक, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा उत्पादों और रसायन के निर्यात में कमी इसकी वजह रही. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में भारत का आयात भी 8.83 प्रतिशत गिरकर 38.61 अरब डॉलर रहा. इसने व्यापार घाटा कम करने में मदद की.

दिसंबर महीने व्यापार घाटा कम होकर 11.25 अरब डॉलर पर आ गया. दिसंबर 2018 में यह 14.49 अरब डॉलर पर था. इस अवधि में, सोने का आयात करीब 4 प्रतिशत घटकर 2.46 अरब डॉलर रहा. दिसंबर 2019 में 30 प्रमुख क्षेत्रों में से 18 क्षेत्रों के निर्यात में गिरावट आई. प्लास्टिक, रत्न एवं आभूषण, चमडा उत्पाद, रसायन, कालीन, पेट्रोलियम और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात में क्रमश: 18.14 प्रतिशत, 7.55 प्रतिशत, 5.26 प्रतिशत, 4.5 प्रतिशत, चार प्रतिशत, 3.6 प्रतिशत, 0.57 प्रतिशत की कमी आई. इस साल अब तक देश के निर्यात में सुस्ती बनी है. विनिर्माण, बिजली उत्पादन और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से औद्योगिक उत्पादन गिरा है.

दिसंबर महीने में कच्चे तेल का आयात 0.83 प्रतिशत घटकर 10.69 अरब डॉलर जबकि गैर-पेट्रोलियम आयात 11.56 प्रतिशत गिरकर 27.92 अरब डॉलर रह गया. अप्रैल-दिसंबर 2019-20 के दौरान, निर्यात पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1.96 प्रतिशत कम होकर 239.29 अरब डॉलर जबकि आयात 8.9 प्रतिशत घटकर 357.39 अरब डॉलर पर रहा. इस अवधि में देश का व्यापार घाटा घटकर 118.10 अरब डॉलर रहा. 2018-19 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 148.23 अरब डॉलर पर था.

इस बीच, रिजर्व बैंक की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि नवंबर में सेवा निर्यात 18 अरब डॉलर जबकि सेवाओं का आयात 11.5 अरब डॉलर पर रहा. वस्त्र निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने आंकड़ों पर कहा कि सरकार की सहायता से उद्योग को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्रीय कर एवं शुल्क से छूट की योजना (आरओएससीटीएल) और भारत से माल निर्यात योजना (एमईआईएस) से परिधान क्षेत्र को जरूरी समर्थन मिलेगा. फियो के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा कि वैश्विक और घरेलू कारकों के चलते एक बार फिर निर्यात में कमी आई है.