COVID-19 की वजह से निवेशक जोखिम वाली चीजों में निवेश करने से बचते हुए नजर आ रहे हैं. इस कारण सितंबर तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में 2,400 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश हुआ है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की समान तिमाही में निवेशकों ने स्वर्ण ईटीएफ में 172 करोड़ रुपये लगाए थे. निवेशकों के लिए यह श्रेणी पूरे साल बढ़िया प्रदर्शन कर रही है. Also Read - RBI declaration impacts stock market: पहली बार बीएसई सेंसेक्स 45,000 के पार, RBI के GDP लक्ष्य में सुधार से मिला सपोर्ट

गोल्ड ईटीएफ के प्रति बढ़ता जा रहा है निवेशकों का आकर्षण  Also Read - Stock market news update: मिलेजुले ग्लोबल संकेतों से शेयर बाजार सीमित दायरे में बंद, मेटल शेयरों में मजबूती

इसमें अब तक निवेशकों ने 5,957 करोड़ रुपये लगाए हैं. आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर 2020 को समाप्त तिमाही में निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में 2426 करोड़ रुपये निवेश किए. Also Read - Global market news update: ग्लोबल मार्केट से मिल रहे अच्छे संकेत, अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मजबूती

जनवरी से सितंबर तक किया इतना निवेश

इस साल में मासिक आधार पर देखें, तो निवेशकों ने इस श्रेणी में जनवरी में 202 करोड़ रुपये और फरवरी में 1,483 करोड़ रुपये लगाये. हालांकि मार्च में उन्होंने 195 करोड़ रुपये की मुनाफा वसूली की. अप्रैल में फिर से 731 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. इसके बाद मई में 815 करोड़ रुपये, जून में 494 करोड़ रुपये, जुलाई में 921 करोड़ रुपये, अगस्त में 908 करोड़ रुपये और सितंबर में 597 करोड़ रुपये का निवेश आया.

क्या है गोल्ड ईटीएफ?

पेपर गोल्ड में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स) खरीदना है. चूंकि, ईटीएफ में निवेश करने में उच्च प्रारंभिक खरीद, बीमा और यहां तक कि बिक्री की लागत शामिल नहीं होती, इसलिए यह बहुत अधिक कॉस्ट-इफेक्टिव है. ईटीएफ में निवेश करने के लिए लोगों को ऑनलाइन स्टॉकब्रोकर और डीमैट खाते से ट्रेडिंग अकाउंट की आवश्यकता होती है. एक बार अकाउंट बनने के बाद केवल गोल्ड ईटीएफ चुनने और ब्रोकर के ट्रेडिंग पोर्टल से ऑर्डर देने की बात है.