Gold Hallmarking: सोने के आभूषणों पर लागू हुई अनिवार्य हॉलमार्किंग, जानिए- घर में रखे गहनों पर क्या होगा इसका असर?

Gold Hallmarking: सोने के आभूषणों पर अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू हो गई है. यहां पर आपके घर में रखे गहनों पर क्या असर होगा. इसके बारे में जानकारी दी गई है.

Published date india.com Updated: June 17, 2021 8:30 AM IST
Gold Rate Today, Gold Price
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Gold Hallmarking: सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग आज (16 जून) से चरणबद्ध तरीके से लागू होगी और शुरुआत में इसे 256 जिलों में लागू किया जाएगा.

भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है, जो मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है. मात्रा के लिहाज से देश सालाना 700-800 टन सोने का आयात करता है.

केंद्र सरकार ने नवंबर 2019 में घोषणा की थी कि 15 जनवरी, 2021 से पूरे देश में सोने के गहनों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी जाएगी. लेकिन समय सीमा को चार महीने के लिए बढ़ाकर 1 जून कर दिया गया, जिसे फिर से बढ़ाकर 16 जून कर दिया गया. ज्वैलर्स ने COVID-19 महामारी के मद्देनजर लागू करने के लिए और समय मांगा.

जानिए- आपके लिए अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग के क्या हैं मायने?

  1. गोल्ड हॉलमार्किंग कीमती धातु की शुद्धता का प्रमाणीकरण है और वर्तमान में स्वैच्छिक है.
  2. 1 जून से ज्वैलर्स को केवल 14, 18 और 22 कैरेट के सोने के आभूषण बेचने की अनुमति होगी.
  3. बीआईएस अप्रैल 2000 से पहले से ही सोने के आभूषणों के लिए एक हॉलमार्किंग योजना चला रहा है, और वर्तमान में लगभग 40 प्रतिशत सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग की जा रही है.
  4. बीआईएस के अनुसार, अनिवार्य हॉलमार्किंग कम कैरेट के खिलाफ जनता की रक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उपभोक्ता सोने के गहने खरीदते समय धोखा न खाएं और गहनों पर अंकित शुद्धता प्राप्त करें.
  5. 2020 में, सरकार ने ज्वैलर्स के पंजीकरण और नवीनीकरण की ऑनलाइन प्रणाली और परख और हॉलमार्किंग केंद्रों की मान्यता और नवीनीकरण की ऑनलाइन प्रणाली शुरू की थी. इस ऑनलाइन प्रणाली को भारतीय मानक ब्यूरो के वेब पोर्टल www.manakonline.in के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है.
  6. ऑनलाइन प्रणाली के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि आवेदनों को संसाधित करने में कोई मानव इंटरफेस नहीं होगा. इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जौहरी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा कर सकते हैं.
    जैसे ही कोई जौहरी अपेक्षित शुल्क के साथ आवेदन जमा करता है, उसे पंजीकरण प्रदान कर दिया जाएगा.
  7. पंजीकरण संख्या की सूचना देते हुए एक मेल और एसएमएस अलर्ट उसके पास जाएगा, और फिर वह पंजीकरण संख्या का उपयोग करके पंजीकरण प्रमाणपत्र डाउनलोड और प्रिंट कर सकता है.

गौरतलब है कि यह हॉलमार्किंग सोने के उन आभूषणों पर अनिवार्य किया जा रहा है, जो अब बेचे जाएंगे. यह भी अभी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. अभी यह देश के 256 जिलों में लागू किया जा रहा है. साथ ही आपको यहां पर यह ध्यान देने के जरूरत है कि यह केवल ज्वैलर्स के लिए नियम बनाया गया है. अगर आप अपने घर में रखे सोने को मार्केट में बेचने जाते हैं तो उसके लिए यह जरूरी नहीं है. हालांकि, उसको लेकर ज्वैलर्स अपने तरीके से मोलभाव कर सकता है. जैसा कि पहले होता रहा है. इससे इसमें ऐसी कोई बात नहीं है कि किसी के घर में रखे आभूषण पर अगर हॉलमार्किंग नहीं की गई है तो वह बेकार हो जाएगा.

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