Gold Import: बीते साल यानी 2020 में भारत में सोने का आयात 11 साल बाद सबसे कम रहा. कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन लगने से मांग पर काफी असर हुआ. इसके अलावा सोने की रिकॉर्ड कीमतों से सोना आम खरीदारों की पहुंच से बाहर रहा. Also Read - COVID-19 Vaccination in India: इस राज्य में रोका जाएगा कोरोना टीकाकरण, जानिए क्या है वजह?

बता दे, सोने की खपत के मामले में भारत दूसरे और आयात के मामले में पहले नंबर पर है. पिछले साल सोने की विदेशी खरीद घट कर 275.5 टन रह गई. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़ों के अनुसार यह 2009 के बाद सबसे कम है. Also Read - Corona Vaccination in India: अगर Covaxin लगवाने के बाद हुआ गंभीर असर, तो मुआवजा अदा करेगी भारत बायोटेक; लोगों से करवाए जा रहे हैं हस्ताक्षर

इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, दिसंबर 2019 के मुकाबले दिसंबर 2020 में सोने का आयात 18 फीसदी बढ़ कर 55.4 टन रहा. लेकिन, खपत में लगातार दूसरे साल कमी दर्ज की गई. मांग में कमी सोने की रिकॉर्ड कीमतें भी जिम्मेदार रहीं. इसके अलावा, कोरोना महामारी फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया. साथ ही लोगों की आवाजाही भी सीमित रही. लॉकडाउन के दौरान भारत में दूसरे देशों से उड़ानें भी काफी कम आईं. जिसका असर आयात पर हुआ, क्योंकि भारत में सोने की अधिकांश जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर ही निर्भर है. Also Read - Gold Price Today 16 January 2021: सोने के दाम आई तेजी, चांदी भी चमकी, सस्ता गोल्ड लेने का जा सकता है मौका, जानें 10 ग्राम सोने का भाव

स्क्रैप गोल्ड से चलाया काम

ऐसा देखा गया कि लॉकडाउन के बाद शादियों का सीजन शुरू होने और फेस्टिव सीजन की मांग बढ़ने से स्थानीय बाजारों में खरीदारी बढ़ी लेकिन ज्यादातर लोगों ने नया सोना खरीदने के लिए पुराने सोने को बदलते हुए नजर आए. हालांकि, खुदरा बाजार में उपभोक्ता मांग में कमी आई, फिर भी सोना निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बना रहा. घरेलू वायदा बाजार में सोना जो अगस्त में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा. साल 2020 में सोने में लगभग 30 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की गई. यह पिछले 9 सालों में सबसे बड़ी छलांग रही.

टीकाकरण के बाद मांग बढ़ने की उम्मीद

ऐसा माना जा रहा है कि अर्थव्यवस्था में सुधार आने पर सोने की मांग बढ़ेगी. लेकिन, इस बात की संभावना जताई जा रही है कि उद्योग धंधे फिर से सामान्य स्तर पर लौट आएंगे, क्योंकि लोगों को सफल टीकाकरण अभियान के बाद ही आत्मविश्वास मिलेगा. जून-जुलाई तक लोगों को वैक्सीन मिल जाएगी और उनमें अधिक आत्मविश्वास जगेगा. इसलिए अगले त्योहारी सीजन के दौरान केवल तीन से चार महीनों में बेहतर गतिविधियां देखी जा सकती हैं.

पिछले महीने वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में सोने का आयात अप्रैल से नवंबर तक 8 महीनों की अवधि के दौरान 40 फीसदी गिरकर 12.3 बिलियन डॉलर रहा. सोने के आयात में इतनी भारी गिरावट कोरोना महामारी के बीच मांग में कमी और सोने की रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतों की वजह से आई. जबकि, पिछले साल समानावधि में भारत में सोने का आयात 20.6 अरब डॉलर का रहा था.

सोने का आयात घटने से कम हुआ व्यापार घाटा

सोने और चांदी के आयात में कमी आने से देश के व्यापार घाटे में गिरावट दर्ज की गई. नवंबर तक व्यापार घाटा (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) घटकर 42 अरब डॉलर रह गया, जो 2019 की समानावधि में 113.42 अरब डॉलर था. चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों के दौरान रत्न और आभूषण निर्यात 44 फीसदी घटकर 14.30 अरब डॉलर रहा. अक्टूबर तक सोने के आयात में गिरावट 47 फीसदी थी. 2020 में अप्रैल-अक्टूबर के दौरान भारत में सोने के आयात में 47.42 फीसदी की गिरावट आई. पहले 6 महीनों (अप्रैल-सितंबर) में सोने का आयात 57 फीसदी गिरकर 6.8 अरब डॉलर रह गया.