Gold Loan Breaks All Records Rbi Report Shows Why People Pledging Gold
गोल्ड लोन ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, भर-भर कर सोना गिरवी रख रहे हैं लोग, आखिर क्यों तेजी से बढ़ा रहा ये ट्रेंड
गोल्ड लोन और पर्सनल लोन में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखी गई है. RBI की एक रिपोर्ट में इस साल 2025 अक्टूबर तक लोन ग्रोथ और NBFC क्रेडिट की पूरी जानकारी दी गई. आइए जानते हैं इसके बारे में -
Vast storehouse of gold and silver has been found in THIS country, not Iran, Iraq, it is...
पिछले कुछ महीनों में गोल्ड लोन में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक गोल्ड लोन का बकाया 128.5% की भारी वृद्धि के साथ 3.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यह उछाल मार्च 2025 की तुलना में 63.6% ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक साल में पर्सनल लोन जितना बढ़ा है, उसका करीब एक चौथाई हिस्सा सिर्फ गोल्ड लोन से आया है. क्योंकि पर्सनल लोन अपने आप में क्रेडिट ग्रोथ का सबसे बड़ा हिस्सा बना हुआ है, इसलिए गोल्ड लोन में यह तेजी बैंकों की कुल लोन वृद्धि को और ऊपर खींच रही है.
RBI का खुलासा, नियमों में बदलाव से बढ़ा गोल्ड लोन
भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि गोल्ड लोन में अचानक आई इस तेज वृद्धि की एक बड़ी वजह कृषि क्षेत्र से जुड़े नियमों में बदलाव है. मई 2024 से खेती-किसानी के लिए सोने के गहनों पर दिए जाने वाले लोन को भी अब रिटेल गोल्ड लोन की कैटेगरी में जोड़ दिया गया है. इसी बदलाव की वजह से आंकड़ों में अचानक बड़ा उछाल दिखाई दे रहा है.
दूसरी तरफ, सिक्योर्ड लोन अभी भी पर्सनल लोन ग्रोथ की रीढ़ बने हुए हैं. हाउसिंग लोन 11% बढ़कर 31.87 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया और ऑटो लोन भी 12.5% बढ़कर 6.77 लाख करोड़ रुपये हो गया. वहीं एजुकेशन लोन ने भी 14.7% की बढ़त दर्ज की और 1.49 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
अनसिक्योर्ड लोन की रफ्तार धीमी
जहां सिक्योर्ड लोन तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं अनसिक्योर्ड लोन की रफ्तार काफी धीमी नजर आई. कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में केवल 1% की हल्की वृद्धि हुई और यह 23,646 करोड़ रुपये पर पहुंचा. क्रेडिट कार्ड का बकाया 7.7% बढ़कर 3.03 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि अन्य पर्सनल लोन 9.9% बढ़कर 16.17 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए. आम लोगों की तरफ से बढ़ती लोन मांग ने बैंकों के कुल लोन पोर्टफोलियो को भी मजबूत किया है. अक्टूबर 2025 तक बैंकिंग सिस्टम का कुल लोन 11.3% बढ़कर 193.9 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले सात महीनों में 6.3% की वृद्धि दर्शाता है.
NBFCs बना रहे हैं क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार
नॉन-रिटेल सेक्टर की बात करें, तो सर्विस सेक्टर लोन ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर साबित हो रहा है. इस सेक्टर में दिए जाने वाले लोन 13% बढ़कर 53.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं. खास तौर पर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, शिपिंग और कमर्शियल रियल एस्टेट में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. यहां सॉफ्टवेयर सेक्टर में 29.4%, शिपिंग में 28% और रियल एस्टेट में 14.1% की ग्रोथ शामिल है. NBFCs को भी बैंक लगातार बड़े पैमाने पर लोन दे रहे हैं. अक्टूबर 2025 तक NBFCs को दिया गया लोन 10.9% बढ़कर 17.04 लाख करोड़ रुपये हो गया. खास बात यह है कि इसमें हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के मुकाबले पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को अधिक लाभ मिल रहा है.
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