Gold News: कोरोना काल में सोने की कीमत (Gold Rate) में आई जोरदार तेजी से तस्करी को प्रोत्साहन मिला है, क्योंकि तस्करों को इससे अच्छी कमाई हो जाती है. आए दिन हमें सोने की तस्करी की खबरें देखने और सुनने को मिलती है. ऐसे में यह जानना लाजिमी है कि आखिर सोने की तस्करी (Gold Smuggling) की वजह क्या है और यह कहां से की जाती है? सर्राफा बाजार के जानकार बताते हैं कि भारत में सोने की तस्करी की मुख्य वजह ऊंचा आयात शुल्क है. इसके अलावा, विदेशों से आने वाले प्रीमियम क्वालिटी के सोने का रीसेल वैल्यू अच्छा होता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि भारत में सोने की तस्करी सबसे ज्यादा दुबई से होती है और प्रीमियम क्वालिटी का सोना होने के कारण उसका रीसेल वैल्यू अच्छा होता है. Also Read - Sasta Gold Kharidne Ka Tarika: ये है किस्तों में सोना खरीदने का तरीका, एक तोले पर करीब 4000 का होगा फायदा!

जानकार बताते हैं कि विदेशों से सोने की तस्करी (Gold Smuggling News) बड़े गिरोह करते हैं जो लालच देकर लोगों को फंसाते हैं और उनके सामान में छिपाकर सोना विदेशों से भारत भेजते हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल प्रेसीडेंट सुरेंद्र मेहता ने बताया कि आसानी से पैसे बनाने की लालच में लोग सोने की तस्करी करते हैं और इस काम में इंडस्ट्री के बाहर के लोग शामिल होते हैं. Also Read - Gold Price Today 19 October 2020: नौ सप्ताह से सोने के भाव में जारी है गिरावट, दिवाली तक और नीचे जा सकते हैं दाम, अभी खरीदारी से बचें

उन्होंने कहा कि सोने पर भारत में 12.5 फीसदी आयात शुल्क लगता है, जोकि तस्करी की एक बड़ी वजह है. भारत में सोने पर तीन फीसदी जीएसटी भी लगता है. कारोबारी बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बंद होने से तस्करी बिल्कुल बंद हो गई थी. Also Read - Gold Price Today 18 October 2020: सोने-चांदी की बढ़ी चमक, दशहरे तक इतने ऊपर जा सकते हैं सोने के दाम, जानें आज का भाव

जानकारों का मानना है कि दुबई से आने वाला सोना प्रीमियम क्वालिटी का होने के कारण उसकी मांग अच्छी होती है. वहीं, सोने का मूल्य ज्यादा होने से छोटे परिमाण से भी अच्छी कमाई हो जाती है, इसलिए सोने की तस्करी के प्रति तस्करों की दिलचस्पी ज्यादा होती है.

हाल ही में त्रिवेंद्रम हवाई अड्डे पर राजनयिक सामान से 30 किलो सोना जब्त किया गया था, जिससे सोने की तस्करी में बड़े गिरोह के शामिल होने के संकेत मिलते हैं.

(इनपुट: IANS)